Human Live Media

HomeStateBiharधान अधिप्राप्ति व पराली प्रबंधन की समीक्षा: तीन दिन में पैक्स क्रियाशील करने का निर्देश

धान अधिप्राप्ति व पराली प्रबंधन की समीक्षा: तीन दिन में पैक्स क्रियाशील करने का निर्देश

रोहतास। जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति एवं पराली
IMG-20251126-WA0019

रोहतास। जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति एवं पराली प्रबंधन को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

Table of Contents

     

    जिलाधिकारी ने सभी प्रखण्डों के सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि चयनित पैक्सों व व्यापार मंडलों को तीन दिनों के भीतर क्रियाशील कराया जाए। साथ ही किसानों को धान का भुगतान 48 घंटे के अंदर हर हाल में सुनिश्चित करने को कहा।

     

    डीएम ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि किसान सलाहकारों के माध्यम से प्रत्येक पंचायत में धान बेचने वाले इच्छुक किसानों का डेटाबेस तैयार कराया जाए तथा किसानों की सूची प्रखण्ड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने छोटे एवं मझोले किसानों को प्राथमिकता देने और उन्हें ‘डिस्ट्रेस सेल’ से बचाने पर विशेष जोर दिया।

     

    बैठक में प्रखण्डों के वरीय नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे सप्ताह में दो दिन पैक्स का भ्रमण कर धान अधिप्राप्ति केंद्रों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें और किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करें। इसके साथ ही 27 नवंबर को प्रखण्ड स्तर पर धान अधिप्राप्ति से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया, जिसमें पैक्स अध्यक्षों के साथ मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्यों सहित जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।

     

    अनुमंडल पदाधिकारी सासाराम, डिहरी और बिक्रमगंज को भी निर्देश दिया गया कि राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक तथा जिला सहकारिता पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एक सप्ताह के भीतर जिले के उसना एवं अरवा राइस मिलों का भौतिक सत्यापन पूरा करें, ताकि दिसंबर के पहले सप्ताह से सीएमआर आपूर्ति शुरू कराई जा सके।

     

    वहीं रोहतास एवं नौहट्टा प्रखण्ड के वरीय नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि राइस मिलों से समितियों की दूरी का आकलन कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं, ताकि दोनों प्रखण्डों की समितियों के लिए अरवा एवं उसना चावल की आपूर्ति के समानुपातिक लक्ष्य निर्धारित किए जा सकें।

    Loading

    No Comments