Last updated: December 10th, 2025 at 04:10 pm

बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और यह राज्य के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। हाल ही में जारी हुई एक रिपोर्ट में सामने आया है कि पटना में महिलाओं पर सबसे ज्यादा अपराध दर्ज होते हैं, जबकि शेखपुरा और शिवहर जैसे जिलों में सबसे कम मामले रिपोर्ट किए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में हर तीन में से एक महिला किसी न किसी हिंसा का शिकार होती है। इसमें घरेलू हिंसा के मामले लगभग 40% हैं। इसके अलावा, कई जगह महिलाओं पर जादू-टोना या अन्य गलत आरोप लगाकर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। ये घटनाएँ महिलाओं की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पेश करती हैं।
महिलाओं पर बढ़ते अपराधों ने राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई महिलाएँ पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराने से डरती हैं। इसका कारण यह है कि कई जगहों पर उन्हें उचित सुनवाई या सुरक्षा नहीं मिल पाती। इस वजह से कई मामले अनसुलझे रहते हैं और अपराधियों को सजा नहीं मिल पाती।
महिला संगठनों ने सरकार से अपील की है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि दोषियों को जल्द सजा मिलनी चाहिए और पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता के साथ सुरक्षा भी प्रदान की जाए। साथ ही, उन्होंने महिलाओं के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने की भी आवश्यकता बताई है, ताकि महिलाएँ खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
राज्य सरकार को महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष योजना बनानी चाहिए। इसमें पुलिस स्टेशनों में महिला हेल्प डेस्क, त्वरित निपटान वाली अदालतें और हेल्पलाइन नंबर जैसी सुविधाएँ शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा, शिक्षा और जागरूकता अभियान से समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना बढ़ाई जा सकती है।बिहार में महिलाओं पर बढ़ते अपराध चिंताजनक हैं। पटना में सबसे ज्यादा और शेखपुरा-शिवहर में सबसे कम मामले दर्ज होने से साफ है कि स्थिति जिलेवार अलग-अलग है। सरकार, पुलिस और समाज को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि महिलाएँ सुरक्षित महसूस करें और उनके अधिकारों की रक्षा हो। समय रहते त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा उपाय लागू करना जरूरी है ताकि महिलाओं पर होने वाले अपराधों को कम किया जा सके और वे बिना डर के अपने जीवन जी सकें।
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