Last updated: December 10th, 2025 at 04:21 pm

बिहार पुलिस ने रेलवे की करोड़ों की संपत्ति चोरी करने वाले एक बड़े गैंग का भंडाफोड़ किया है। औरंगाबाद में पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग को “तार्ज़न-रमेश गैंग” कहा जा रहा है, जो लंबे समय से रेलवे की कीमती सामग्री चुराकर बेच रहा था।
पुलिस के अनुसार, अगस्त महीने में सोननगर टीएसएस साइट से करीब 3.5 करोड़ रुपये की सामग्री चोरी हुई थी। चोरी की गई सामग्री में बिजली से जुड़ी मशीनें और कई अन्य महत्वपूर्ण उपकरण शामिल थे। यह सामग्री रेलवे प्रोजेक्ट के लिए अत्यंत आवश्यक थी, इसलिए इसका नुकसान रेलवे के लिए बड़ा था।
गैंग कई महीनों से बिहार और आसपास के राज्यों में रेलवे की संपत्ति चोरी कर रहा था। चोरी की गई सामग्री को ट्रकों में लादकर दूसरे राज्यों में भेजा जाता था। गैंग का नेटवर्क बड़ा और सुनियोजित था। पुलिस के अनुसार, यह गैंग विभिन्न स्थानों से लगातार चोरी करता और सामान बेचकर मुनाफा कमाता था।
पुलिस ने गैंग के मुख्य सरगना को भी गिरफ्तार किया है। उसके पास से चोरी की गई सामग्री, कई उपकरण और मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस कार्रवाई में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस ने मिलकर काम किया। इससे गैंग का पूरा नेटवर्क उजागर हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
पुलिस ने कहा कि इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों को कोई भी सुरक्षित नहीं समझ सकता। रेलवे की सुरक्षा में लगे सभी अधिकारियों को सतर्क रहने और चोरी जैसी घटनाओं को रोकने की चेतावनी दी गई है।बिहार में इस बड़ी चोरी का खुलासा कानून-व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। गैंग के 15 सदस्य गिरफ्तार होने से रेलवे की सुरक्षा में सुधार की संभावना बढ़ी है। पुलिस और RPF की संयुक्त कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज और प्रभावी हो सकती है। इससे न केवल चोरी की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि आम जनता में सुरक्षा और विश्वास भी बढ़ेगा।
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