Last updated: December 12th, 2025 at 04:33 pm

बिहार में नई सरकार बनने के बाद राज्य में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। कई वर्षों से भूमाफियाओं का आतंक बढ़ता जा रहा था। गरीबों की जमीन हड़पना, सरकारी जमीन पर कब्जा करना और खाली पड़ी भूमि को धोखे से अपने नाम पर करवाना आम बात बन चुकी थी। लोग शिकायत तो दर्ज करवाते थे, लेकिन जांच और कार्रवाई धीमी होने के कारण वर्षों तक न्याय नहीं मिल पाता था। अब सरकार ने साफ कर दिया है कि इस समस्या को खत्म करना ही उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
नई सरकार के गठन के तुरंत बाद ही गृह मंत्री और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में उन्होंने साफ कहा कि अब बिहार में भूमाफियाओं को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। चाहे माफिया कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सम्राट चौधरी के बयान “अब बिहार में माफियाओं का पिंडदान होगा” ने यह बता दिया है कि सरकार अपराधियों को पूरी तरह खत्म करने के मूड में है। इसका मतलब है कि अब ऐसे लोगों पर कार्रवाई इतनी कठोर होगी कि वे दोबारा इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचेंगे।
बिहार में लंबे समय से जमीन का मामला एक बड़ा मुद्दा बना हुआ था। गरीब और कमजोर लोगों की जमीन पर दबंगों के द्वारा अवैध कब्जा कर लिया जाता था। कई जगहों पर यह भी देखा गया है कि सरकारी जमीन को भी नकली कागज बनवाकर कब्जा कर लिया गया। ऐसी शिकायतें थानों में दर्ज तो होती थीं, पर उनकी सुनवाई में बहुत समय लग जाता था।
अब सरकार ने आदेश दिया है कि ऐसे मामलों की फाइलें तुरंत खोली जाएंगी और लंबित मामलों का निपटारा जल्द से जल्द किया जाएगा। जिलों के डीएम, एसपी और थाना स्तर पर भी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे भूमाफियाओं पर कड़ी निगरानी रखें और शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई करें।
भूमाफिया अक्सर नकली कागजात बनाकर जमीन अपने नाम करवाने में सफल हो जाते थे। इस वजह से असली जमीन मालिक परेशान रहते थे। अब सरकार ने रजिस्ट्री ऑफिस, अंचल कार्यालय और अन्य विभागों को पुराने कागजों की जांच तेज करने को कहा है।जहां भी फर्जी दस्तावेज या घोटाले की आशंका होगी, तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाएगा और संबंधित अधिकारी पर भी कार्रवाई की जाएगी। इससे सरकारी तंत्र में फैला भ्रष्टाचार भी कम होगा और लोगों का भरोसा बढ़ेगा।
सम्राट चौधरी ने इशारा किया है कि सरकार आगे चलकर भूमाफियाओं के खिलाफ एक स्पेशल टास्क फोर्स भी बना सकती है। इस टीम का काम होगा कि वह बड़े गैंग्स की पहचान करे और पूरे नेटवर्क को खत्म करे। इसके साथ ही जमीन विवादों के लिए एक अलग तेज अदालत बनाने की भी चर्चा है, ताकि फैसले जल्दी हो सकें।नई सरकार की इस सख्त कार्रवाई से आम लोगों में उम्मीद की नई किरण जगी है। वर्षों से परेशान लोग अब राहत महसूस कर रहे हैं कि उनकी जमीन वापस मिलने की संभावना बढ़ गई है। अगर सरकार इसी तरह बिना दबाव और बिना भेदभाव के कार्रवाई करती रही, तो बिहार में जमीन से जुड़े अपराध काफी हद तक खत्म हो जाएंगे और आम जनता सुरक्षित महसूस करेगी।
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