Last updated: December 13th, 2025 at 04:23 pm

दिल्ली-NCR में इस समय वायु प्रदूषण बहुत गंभीर स्तर पर पहुँच गया है। बीते कुछ दिनों से लगातार प्रदूषण बढ़ने के कारण हवा की गुणवत्ता बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में चली गई है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 400 के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया गया है। इतनी खराब हवा से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा पैदा हो गया है। हालात को देखते हुए सरकार ने GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का स्टेज-4 लागू कर दिया है।
GRAP स्टेज-4 सबसे सख्त कदम माना जाता है, जिसे तब लागू किया जाता है जब प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर पहुँच जाता है। इसके तहत कई तरह की पाबंदियाँ लगाई जाती हैं ताकि हवा को और ज्यादा खराब होने से रोका जा सके। दिल्ली-NCR में अब कई निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। सड़कों, इमारतों और अन्य विकास कार्यों से उड़ने वाली धूल प्रदूषण को और बढ़ा देती है, इसलिए ऐसे काम बंद किए गए हैं।
स्टेज-4 लागू होने के बाद दिल्ली में गैर-जरूरी डीजल वाहनों के चलने पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। खासकर पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। भारी वाहनों की एंट्री पर भी रोक लगाई गई है, ताकि सड़कों पर धुएं का स्तर कम किया जा सके। इसके अलावा सरकारी और निजी कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक कम हो और प्रदूषण घटे।
हवा की इस खराब स्थिति का सीधा असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। अस्पतालों में सांस की समस्या, आंखों में जलन, खांसी और एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की हवा लंबे समय तक सांस में लेने से फेफड़ों और दिल से जुड़ी बीमारियां बढ़ सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। लोगों को बेवजह घर से बाहर न निकलने और मास्क पहनने की सलाह दी गई है।
प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सर्दियों में हवा की गति धीमी हो जाती है, जिससे प्रदूषक कण वातावरण में ही जमा हो जाते हैं। इसके अलावा गाड़ियों का धुआं, फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और आसपास के राज्यों में पराली जलाने का असर भी दिल्ली-NCR की हवा पर पड़ता है। मौसम की स्थिति अनुकूल न होने के कारण प्रदूषण साफ नहीं हो पा रहा है।
सरकार और प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर हालात और बिगड़ते हैं तो और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे प्रदूषण कम करने में सहयोग करें, जैसे निजी वाहन कम इस्तेमाल करें, कूड़ा न जलाएं और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहें। जब तक हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, तब तक सावधानी और नियमों का पालन करना सभी के लिए जरूरी है।
![]()
No Comments