Last updated: December 18th, 2025 at 04:39 pm

लोकसभा में इन दिनों VB – G Ram G बिल पर चर्चा चल रही है। यह बिल राजनीतिक और संवैधानिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस बिल को लेकर आमने-सामने हैं। सरकार का कहना है कि यह बिल देश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करेगा, जबकि विपक्ष इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा बता रहा है।
सरकार के अनुसार, VB – G Ram G बिल का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार लाना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाना है। सरकार का दावा है कि इस बिल से निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और जनता को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सत्तारूढ़ दल के सांसदों का कहना है कि देश को बदलते समय के साथ मजबूत कानूनों की जरूरत है और यह बिल उसी दिशा में एक कदम है।
वहीं विपक्ष इस बिल का कड़ा विरोध कर रहा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस बिल में कई ऐसे प्रावधान हैं, जो संविधान की भावना के खिलाफ हैं। उनका आरोप है कि सरकार इस बिल के जरिए सत्ता को केंद्र में इकट्ठा करना चाहती है और राज्यों के अधिकारों को कमजोर किया जा सकता है। विपक्ष ने मांग की है कि इस बिल को किसी संसदीय समिति के पास भेजा जाए ताकि इस पर विस्तार से चर्चा हो सके।
लोकसभा में हुई बहस के दौरान कई सांसदों ने अपनी-अपनी राय रखी। कुछ सांसदों ने कहा कि बिल को जल्दबाजी में लाया गया है और जनता की राय नहीं ली गई। वहीं सरकार पक्ष के सांसदों ने जवाब देते हुए कहा कि इस बिल पर पहले से ही पर्याप्त विचार-विमर्श किया जा चुका है और इसे रोकना देशहित में नहीं है।
इस बहस के दौरान सदन का माहौल काफी गर्म रहा। कई बार तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। अध्यक्ष को बार-बार हस्तक्षेप कर सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाना पड़ा। विपक्ष ने नारेबाजी भी की और कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि VB – G Ram G बिल आने वाले समय में राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है। अगर यह बिल पास होता है तो इसका असर देश की शासन व्यवस्था और केंद्र-राज्य संबंधों पर भी पड़ सकता है। वहीं अगर विपक्ष की मांगें मानी जाती हैं तो सरकार को इसमें कुछ संशोधन करने पड़ सकते हैं।
कुल मिलाकर, VB – G Ram G बिल पर जारी बहस यह दिखाती है कि संसद में लोकतंत्र अभी भी जीवंत है। अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं और जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिरकार इस बिल का क्या भविष्य होता है।
![]()
No Comments