Last updated: December 18th, 2025 at 05:34 pm

बिहार अब देश के टॉप‑10 अंडा उत्पादक राज्यों में शामिल:
बिहार ने हाल ही में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब यह भारत के शीर्ष 10 अंडा उत्पादक राज्यों में शामिल हो गया है। यह राज्य के कृषि और पशुपालन क्षेत्र के लिए गर्व की बात है, क्योंकि पहले बिहार अंडों के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर रहता था, लेकिन अब खुद उत्पादन बढ़ाकर बड़ा उत्पादक बन गया है।
पिछले लगभग नौ वर्षों में बिहार में अंडा उत्पादन लगभग तीन गुना बढ़ गया है। वर्ष 2014‑15 में जहां उत्पादन लगभग 9,845 लाख अंडों का था, वहीं 2023‑24 में यह बढ़कर 34,401 लाख अंडों तक पहुंच गया। इस वृद्धि से यह स्पष्ट है कि राज्य में अंडा उत्पादन लगातार और तेज़ी से बढ़ रहा है।
बिहार में अंडा उत्पादन की इस वृद्धि के पीछे कई कारण हैं। सबसे प्रमुख कारण है सरकार की योजनाएं और प्रशासनिक प्रयास। राज्य सरकार ने पशुपालन और पोल्ट्री क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाईं। किसानों और पोल्ट्री व्यवसायियों को सब्सिडी, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता दी गई। इससे छोटे‑बड़े दोनों तरह के पोल्ट्री फार्मों में निवेश बढ़ा और उत्पादन तेजी से बढ़ा।
ग्रामीण इलाकों में पोल्ट्री फार्मिंग का विस्तार भी एक महत्वपूर्ण कारण है। पहले जहां लोग केवल खेती या अन्य कृषि कार्यों में लगे रहते थे, अब उन्होंने पोल्ट्री और अंडा उत्पादन को एक लाभदायक व्यवसाय के रूप में अपनाया है। प्रशिक्षण और सब्सिडी के कारण ग्रामीण किसान अंडा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
भारत में अंडा उत्पादन पहले से ही दक्षिण और पश्चिमी राज्यों में अधिक होता था, जैसे आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और महाराष्ट्र। अब बिहार का शीर्ष 10 में स्थान बनना यह दर्शाता है कि पूर्वी भारत भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रोटीन उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
हालांकि कुछ राज्यों का उत्पादन अभी भी बिहार से अधिक है, लेकिन बिहार ने जिस गति से प्रगति की है, वह काबिले तारीफ है। यह स्पष्ट करता है कि अच्छी सरकारी नीतियों और स्थानीय स्तर पर सशक्त प्रयासों से बड़े बदलाव संभव हैं।
अंडा उत्पादन में बढ़ोतरी से बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। इससे जुड़े उद्योगों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। किसानों और अंडा उत्पादकों की आमदनी में वृद्धि हुई है। साथ ही, अंडा प्रोटीन का एक प्रमुख स्रोत है, जिससे पोषण सुरक्षा भी बेहतर हुई है।
बिहार का यह कदम सिर्फ उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे राज्य के स्थानीय बाजारों में अंडों की उपलब्धता भी बेहतर होगी। यदि भविष्य में भी उत्पादन इसी तरह बढ़ता रहा, तो बिहार राष्ट्रीय स्तर पर और बड़ा योगदान देने वाला राज्य बन सकता है।
समाप्त में कहा जा सकता है कि बिहार ने अंडा उत्पादन के क्षेत्र में जो प्रगति की है, वह राज्य के कृषि और पशुपालन विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इस उपलब्धि से स्पष्ट हो गया है कि बिहार अब केवल अंडा उपभोक्ता नहीं बल्कि एक बड़ा उत्पादक राज्य बनकर उभर रहा है।
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