Last updated: December 19th, 2025 at 06:35 pm

दिल्ली पुलिस ने हाल ही में एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के आरोपी कई महीनों से देश और विदेश के नागरिकों को अपना शिकार बना रहे थे। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह मुख्य रूप से विदेशी नागरिकों को कॉल करता और उन्हें फर्जी वादों के जाल में फंसाकर लाखों रुपये की ठगी करता था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी अपनी गतिविधियों के लिए आधुनिक तकनीक और इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे थे। वे लोगों को नौकरी, निवेश और नकद पुरस्कार के नाम पर फंसाते थे। इसके लिए गिरोह ने अलग-अलग फर्जी कंपनियों और वेबसाइट्स भी बनाईं थीं। इन सभी तरीकों से उन्होंने कई देशों के नागरिकों को ठगा और करोड़ों रुपये की ठगी की।
पुलिस ने बड़ी मेहनत और तकनीकी जांच के बाद इस गिरोह के सात मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से कई महत्वपूर्ण सबूत भी मिले, जिनसे यह पता चला कि गिरोह की योजना कितनी संगठित और योजनाबद्ध थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी अपनी कमाई का हिस्सा डिजिटल माध्यमों और नकद में रखकर अपने अपराध को छुपाने की कोशिश कर रहे थे।
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और आम नागरिकों को इसके प्रति सतर्क रहना चाहिए। लोगों को फर्जी कॉल, ईमेल और सोशल मीडिया मैसेज से सावधान रहना चाहिए। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध कॉल या संदेश मिले, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल को सूचित करें।
अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। पुलिस का कहना है कि अभी और जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्य भी जल्द ही पकड़े जा सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह ने सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई देशों के नागरिकों को भी ठगा है।
इस घटना से यह साफ हो गया है कि साइबर अपराध अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल रहे हैं। इसलिए सरकार और पुलिस ने इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई है। साइबर ठगी रोकने के लिए लोगों को डिजिटल सुरक्षा के उपाय अपनाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी देने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर, दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे न केवल आम जनता को सुरक्षा का संदेश मिलता है, बल्कि अपराधियों के खिलाफ सख्ती भी दिखाई देती है। भविष्य में इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए तकनीकी उपायों के साथ-साथ जागरूकता बढ़ाना भी बेहद जरूरी है।
![]()
No Comments