Last updated: December 24th, 2025 at 08:37 am

उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक कड़ा रुख अपना लिया है। प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा और तेज शीतलहर को देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि मौसम की स्थिति सामान्य से ज्यादा खतरनाक हो सकती है और लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर सुबह और देर रात के समय दृश्यता बहुत कम हो रही है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है।
घने कोहरे की वजह से कई इलाकों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई है। हाईवे पर वाहन चालकों को सामने की गाड़ियां साफ दिखाई नहीं दे रहीं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। कई जगहों पर बसों और ट्रेनों की रफ्तार कम करनी पड़ी है, वहीं कुछ ट्रेनों के समय में देरी भी देखी जा रही है। हवाई यात्रियों को भी उड़ानों में देरी और रद्द होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
शीतलहर का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। दिन में भी ठंडी हवाओं के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह मौसम ज्यादा जोखिम भरा माना जा रहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि लोग ठंड से बचाव करें, गर्म कपड़े पहनें और सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें। ठंड लगने, खांसी-जुकाम और सांस की दिक्कतों के मामले बढ़ सकते हैं।
मौसम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों और अभिभावकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। कई जिलों में प्राथमिक कक्षाओं के लिए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है या छुट्टी देने पर विचार किया जा रहा है। छोटे बच्चों के लिए सुबह के समय स्कूल जाना मुश्किल हो सकता है, इसलिए जिला प्रशासन स्थानीय हालात के अनुसार फैसले ले रहा है।
यात्रियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करने, तेज रफ्तार से बचने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट के साथ गर्म कपड़े पहनने और जरूरत न हो तो यात्रा टालने को कहा गया है। रेल और बस यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले समय-सारिणी की जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक कोहरा और शीतलहर का असर बना रह सकता है। हालांकि, समय-समय पर स्थिति में हल्का सुधार भी संभव है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, मौसम से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें और जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। सावधानी और सतर्कता ही इस मौसम में सुरक्षित रहने का सबसे बेहतर तरीका है।
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