Last updated: December 24th, 2025 at 10:09 am

उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में सर्दी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इन इलाकों के लिए कोल्ड डे अलर्ट जारी किया है। कोल्ड डे का मतलब होता है कि दिन के समय भी तापमान सामान्य से काफी नीचे बना रहता है और धूप निकलने के बावजूद ठंड का अहसास कम नहीं होता। इस वजह से आम जनजीवन पर साफ असर देखने को मिल रहा है।
यूपी के कई जिलों और दिल्ली-एनसीआर में सुबह और शाम के साथ-साथ दोपहर में भी ठंडी हवाएं चल रही हैं। आमतौर पर सर्दियों में दिन में हल्की गर्मी महसूस होती है, लेकिन कोल्ड डे की स्थिति में ऐसा नहीं हो रहा। तापमान लगातार सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे लोग पूरे दिन गर्म कपड़ों में रहने को मजबूर हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बादल, नमी और धीमी हवाओं की वजह से यह स्थिति बनी हुई है।
ठंड का असर सबसे ज्यादा दिहाड़ी मजदूरों, बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है। खुले में काम करने वाले लोगों के लिए दिन में भी काम करना मुश्किल हो गया है। ठंडी हवा और कम तापमान के कारण शरीर में सुस्ती, हाथ-पैर सुन्न होने और ठंड लगने की शिकायतें बढ़ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी-खांसी, बुखार, जोड़ों के दर्द और सांस से जुड़ी समस्याएं ज्यादा हो सकती हैं, इसलिए सावधानी जरूरी है।
यातायात पर भी कोल्ड डे और ठंड का असर दिख रहा है। सुबह के समय कोहरा और दिन में ठंडी हवाओं के कारण सड़क पर वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है। लोग कम दूरी की यात्रा भी सोच-समझकर कर रहे हैं। रेलवे और हवाई सेवाओं पर भी मौसम का असर पड़ रहा है, जिससे यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ सकता है।
स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए भी यह मौसम परेशानी भरा है। कई जगहों पर स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, ताकि बच्चों को ज्यादा ठंड में बाहर न निकलना पड़े। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को पूरी तरह गर्म कपड़े पहनाकर ही स्कूल भेजें और ठंड से बचाव का पूरा ध्यान रखें।
प्रशासन और मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सुबह और देर रात बेवजह घर से बाहर न निकलें। अगर निकलना जरूरी हो तो सिर, कान और हाथ-पैर अच्छी तरह ढककर रखें। गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें और ठंडी हवा से खुद को बचाएं।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक कोल्ड डे की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि, हवा की गति बढ़ने या धूप तेज होने पर कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। तब तक लोगों को सतर्क रहकर मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का पालन करना चाहिए। सावधानी और सही बचाव ही इस कड़ाके की ठंड में सुरक्षित रहने का सबसे बेहतर उपाय है।
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