Last updated: December 24th, 2025 at 11:56 am

उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और हादसों के बाद समय पर मदद पहुंचाने के उद्देश्य से ‘Road Safety Mitra’ और ‘Rahavir’ नाम की दो नई योजनाएं शुरू की गई हैं। इन योजनाओं का मकसद न सिर्फ दुर्घटनाओं की संख्या कम करना है, बल्कि हादसे के बाद घायल लोगों की जान बचाने के लिए तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना भी है।
प्रदेश में हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में घायल होते हैं और कई मामलों में समय पर इलाज न मिलने के कारण जान चली जाती है। सरकार का मानना है कि अगर दुर्घटना के तुरंत बाद सही तरीके से मदद मिल जाए, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं। इसी सोच के साथ इन दोनों योजनाओं को लागू किया गया है।
Road Safety Mitra योजना के तहत ऐसे लोगों को चुना जाएगा जो सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक हों और जरूरत पड़ने पर दूसरों की मदद करने के लिए तैयार हों। ये रोड सेफ्टी मित्र ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए लोगों को जागरूक करेंगे, हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल को बढ़ावा देंगे और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर प्रशासन को जानकारी देंगे। इसके अलावा, ये लोग सड़क पर किसी हादसे की स्थिति में तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना देने में भी मदद करेंगे।
वहीं Rahavir योजना का फोकस दुर्घटना के बाद तुरंत सहायता देने पर है। इस योजना के तहत ऐसे आम नागरिकों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा, जो सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की बिना देर किए मदद करते हैं। कई बार लोग कानूनी झंझट के डर से घायलों की मदद करने से कतराते हैं। इस योजना के जरिए सरकार यह संदेश देना चाहती है कि मदद करने वालों को परेशान नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें सम्मान और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
इन योजनाओं के लागू होने से सड़क पर लोगों की भागीदारी बढ़ेगी। अब सिर्फ पुलिस या प्रशासन ही नहीं, बल्कि आम लोग भी सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगे। इससे ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और लापरवाही से होने वाले हादसों में कमी आने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के साथ-साथ ब्लैक स्पॉट्स की पहचान, बेहतर साइन बोर्ड, स्पीड कंट्रोल और सड़क की गुणवत्ता सुधारने जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं। स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की योजना भी बनाई गई है, ताकि युवा पीढ़ी शुरू से ही नियमों का पालन करना सीखे।
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क सुरक्षा केवल कानून से नहीं, बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार से जुड़ा विषय है। जब आम नागरिक खुद आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाते हैं, तभी स्थायी बदलाव संभव होता है। ‘Road Safety Mitra’ और ‘Rahavir’ जैसी योजनाएं इसी दिशा में एक सकारात्मक प्रयास हैं।
कुल मिलाकर, यूपी सरकार की ये नई योजनाएं सड़क हादसों को कम करने और समय पर मदद पहुंचाने की दिशा में एक मजबूत कदम हैं। अगर प्रशासन और जनता मिलकर ईमानदारी से इन्हें लागू करें, तो आने वाले समय में सड़कें ज्यादा सुरक्षित बन सकती हैं और कई कीमती जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
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