Human Live Media

HomeStateBihar*नोखा के श्रीखिंडा पंचायत में महिला एवं बाल विकास निगम का जागरूकता कार्यक्रम, दिलाई गई शपथ

*नोखा के श्रीखिंडा पंचायत में महिला एवं बाल विकास निगम का जागरूकता कार्यक्रम, दिलाई गई शपथ

रोहतास जिले में महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” योजना के तहत बेटी जन्मोत्सव
WhatsApp Image 2025-12-23 at 19.00.08

रोहतास जिले में महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” योजना के तहत बेटी जन्मोत्सव तथा 100 दिवसीय “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नोखा प्रखंड के श्रीखिंडा पंचायत स्थित आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, माताएं और स्थानीय समुदाय के लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम का नेतृत्व महिला एवं बाल विकास निगम, रोहतास के जिला परियोजना प्रबंधक मो. शमीम अंसारी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बेटियां समाज और राष्ट्र की आधारशिला हैं। उनके संरक्षण, शिक्षा और सशक्तिकरण से ही समतामूलक और मजबूत समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं और समुदाय को बेटियों के महत्व, समान अधिकारों और बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर महिलाओं को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र (DHEW) तथा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान सहित महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि संकट की स्थिति में महिलाएं इन सेवाओं का निःसंकोच उपयोग कर सकती हैं।
कार्यक्रम का संचालन DHEW की वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ सुश्री कुमारी मेघा ने किया। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक सशक्तिकरण से ही महिलाएं अपने और अपनी बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बना सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान परियोजना प्रबंधक, जिला मिशन समन्वयक एवं DHEW की डॉ. फरहत दुर्रानी द्वारा उपस्थित लेडी सुपरवाइजरों को डायरी प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं 0 से 6 माह की बालिकाओं को बेबी किट तथा 2.5 से 3 वर्ष तक की बालिकाओं की माताओं को फलों की टोकरी देकर सम्मानित किया गया, जिससे माताओं और बालिकाओं में उत्साह देखा गया।
इस मौके पर उपस्थित माताओं एवं बालिकाओं को बाल विवाह न करने, बेटियों की शिक्षा सुनिश्चित करने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि समाज की शक्ति हैं और उनका सम्मान एवं सशक्तिकरण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अंत में सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प के साथ शपथ दिलाकर कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में वन स्टॉप सेंटर के कार्यालय सहायक रितेश कुमार एवं DHEW के लेखा सहायक विकास कुमार तिवारी की सक्रिय सहभागिता रही।

Table of Contents

    Loading

    No Comments