Last updated: December 30th, 2025 at 10:23 am

उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद से सामने आया नर्सिंग छात्रा से जुड़ा छेड़खानी का मामला अब सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस जांच की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पीड़िता ने छह युवकों पर छेड़खानी और जानलेवा हमले का आरोप लगाया था, लेकिन अब उसका कहना है कि चार्जशीट से चार आरोपियों के नाम हटा दिए गए हैं। इस पूरे प्रकरण ने तब और तूल पकड़ लिया, जब पीड़िता और महिला सब इंस्पेक्टर के बीच हुई बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
19 अक्टूबर की रात, जब घर लौटना डर बन गया
पीड़िता आगरा के एत्मादपुर की रहने वाली है और शिकोहाबाद में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है। उसके अनुसार, 19 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे वह स्कूटी से घर लौट रही थी। तभी एक कार सवार युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया। पीड़िता का आरोप है कि युवकों ने जबरन उसे कार में खींचने की कोशिश की, उसके कपड़े फाड़े गए और अश्लील हरकतें की गईं। जब उसने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी दिखाई दी, जिससे घबराकर आरोपी छात्रा को सड़क पर फेंककर फरार हो गए।
FIR दर्ज, लेकिन जांच पर उठे सवाल
घटना के बाद पीड़िता ने एत्मादपुर थाने में छह युवकों के खिलाफ छेड़खानी और अश्लील हरकतों की धाराओं में FIR दर्ज कराई। मामले की विवेचना महिला सब इंस्पेक्टर नीतू को सौंपी गई। पीड़िता का कहना है कि उसने जांच के दौरान पुलिस को सभी छह आरोपियों के नाम बताए थे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी थी।
चार्जशीट में सिर्फ दो नाम, पीड़िता का आरोप
मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब चार्जशीट दाखिल हुई। पीड़िता के मुताबिक, चार्जशीट में केवल दो आरोपियों के नाम शामिल किए गए, जबकि चार युवकों के नाम हटा दिए गए। यह जानकारी सामने आने के बाद पीड़िता ने महिला SI नीतू से संपर्क किया और सवाल उठाए कि आखिर बाकी आरोपियों के नाम क्यों हटाए गए।
वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप
पीड़िता और महिला सब इंस्पेक्टर के बीच हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। ऑडियो सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इस वायरल ऑडियो ने न सिर्फ जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए, बल्कि पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी बहस छेड़ दी।
महिला SI लाइन हाजिर, दोबारा जांच की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी वेस्ट ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला सब इंस्पेक्टर नीतू को लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या जानबूझकर गड़बड़ी सामने आती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में सिर्फ FIR दर्ज करना ही काफी नहीं है। पीड़िता के लिए न्याय तभी पूरा होगा, जब जांच पारदर्शी हो और दोषियों को सजा मिले।
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