Last updated: December 31st, 2025 at 12:19 pm

31 दिसंबर को लेकर कई राज्यों में स्कूलों को छुट्टी रखने का आदेश जारी किया गया है। इस फैसले के तहत दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी स्कूल बंद रखे गए हैं। इस निर्णय से बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को राहत मिली है। खासतौर पर सर्दी, कोहरा और साल के आखिरी दिन की व्यवस्थाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो जाती है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है। सड़क पर फिसलन और ट्रैफिक की समस्या भी रहती है। ऐसे हालात में स्कूलों में छुट्टी का फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया है।
उत्तर प्रदेश के भी कई जिलों में 31 दिसंबर को स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है। यहां भी ठंड और कोहरे के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित है। छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। कई जगहों पर पहले से ही स्कूलों के समय में बदलाव किया गया था, लेकिन अब पूरे दिन की छुट्टी से बच्चों को आराम मिला है।
अभिभावकों का कहना है कि यह फैसला सही समय पर लिया गया है। सर्दी के मौसम में बच्चे अक्सर बीमार पड़ जाते हैं और सुबह-सुबह स्कूल जाना उनके लिए मुश्किल हो जाता है। छुट्टी मिलने से बच्चों को आराम करने का मौका मिलेगा और वे नए साल की शुरुआत बेहतर स्वास्थ्य के साथ कर सकेंगे। कई माता-पिता ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है।
शिक्षकों के लिए भी यह निर्णय राहत भरा रहा। स्कूल बंद रहने से वे भी मौसम की परेशानी से बच सके और साल के आखिरी दिन की तैयारी कर सके। कुछ स्कूलों ने यह भी बताया कि जो पढ़ाई छूटेगी, उसे नए साल में अतिरिक्त कक्षाओं या संशोधित समय सारिणी के जरिए पूरा किया जाएगा।
हालांकि, कुछ अभिभावकों का मानना है कि छुट्टियों के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है, लेकिन ज्यादातर लोग इसे जरूरी और समझदारी भरा कदम मान रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सबसे बड़ी प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसे फैसले लिए जा सकते हैं।
स्कूलों में छुट्टी का असर परिवहन व्यवस्था पर भी देखने को मिला है। सुबह के समय सड़कों पर स्कूल बसों की संख्या कम रही, जिससे ट्रैफिक कुछ हद तक आसान रहा। इससे आम यात्रियों को भी राहत मिली।
कुल मिलाकर, 31 दिसंबर को स्कूलों में छुट्टी का फैसला बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर लिया गया है। यह निर्णय यह दिखाता है कि प्रशासन बच्चों के हित को प्राथमिकता दे रहा है। अब अभिभावक और बच्चे नए साल की तैयारी के साथ इस दिन का उपयोग आराम और परिवार के साथ समय बिताने में कर सकते हैं।
![]()
No Comments