Last updated: December 31st, 2025 at 12:23 pm

उत्तर भारत में इन दिनों कड़ाके की सर्दी और घना कोहरा लगातार बना हुआ है। सुबह और रात के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में तापमान काफी नीचे चला गया है, जिससे आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। कोहरे की वजह से दृश्यता कम हो गई है और इसका सीधा असर सड़क, रेल और हवाई यात्रा पर पड़ रहा है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत में सर्द हवाएं चल रही हैं और हवा की गति कम होने के कारण कोहरा लंबे समय तक टिक रहा है। खासकर मैदानी इलाकों में सुबह के समय कोहरा इतना घना हो जाता है कि कुछ मीटर आगे देख पाना भी मुश्किल हो जाता है। इससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
घने कोहरे के कारण सड़क यातायात सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। हाईवे और शहरों की मुख्य सड़कों पर वाहन धीमी गति से चल रहे हैं। कई जगहों पर जाम की स्थिति बन रही है। ड्राइवरों को हेडलाइट और फॉग लाइट का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, पैदल चलने वालों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है, क्योंकि कोहरे में वाहन अचानक नजर नहीं आते।
रेल और हवाई सेवाओं पर भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। हवाई अड्डों पर भी उड़ानों के समय में बदलाव हो रहा है और कुछ फ्लाइट्स को रद्द या डायवर्ट किया जा रहा है। इससे यात्रियों की यात्रा योजनाएं बिगड़ रही हैं और उन्हें असुविधा हो रही है।
कड़ाके की ठंड का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बुजुर्गों और छोटे बच्चों को ठंड से ज्यादा खतरा होता है। डॉक्टरों की सलाह है कि लोग गर्म कपड़े पहनें, ठंडी हवा से बचें और सुबह के समय बाहर निकलने से बचें।
प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। वाहन चालकों को धीरे चलने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है। जरूरत न होने पर लंबी यात्रा से बचने को कहा गया है। कई राज्यों में स्कूलों के समय में बदलाव या छुट्टियां भी दी गई हैं, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम साफ होने में अभी समय लग सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी सलाहों का पालन करने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी और कोहरा जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। सावधानी, जागरूकता और सही तैयारी के जरिए ही इस मौसम की चुनौतियों से सुरक्षित तरीके से निपटा जा सकता है।
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