Last updated: January 1st, 2026 at 02:20 pm

उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड को देखते हुए शीतकालीन अवकाश के तहत स्कूलों को बंद रखने की घोषणा की गई है। लगातार बढ़ती ठंड, घना कोहरा और ठंडी हवाओं के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस फैसले से छोटे बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।
दिल्ली में तापमान लगातार गिर रहा है और सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है। कई इलाकों में दृश्यता बहुत कम हो जाती है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी होती है। इसी वजह से शिक्षा विभाग ने सरकारी और निजी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश लागू किया है। नर्सरी से लेकर प्राथमिक और कई जगहों पर उच्च कक्षाओं तक स्कूल बंद रखे गए हैं। हालांकि कुछ स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखने का विकल्प भी अपनाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। राज्य के कई जिलों में सुबह-सुबह घना कोहरा और तेज ठंड देखने को मिल रही है। छोटे बच्चों के लिए यह मौसम काफी मुश्किल भरा हो सकता है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। खासकर कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए अवकाश घोषित किया गया है, जबकि कुछ जगहों पर बड़ी कक्षाओं के लिए समय में बदलाव या ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई है।
इस फैसले से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। माता-पिता का कहना है कि ठंड और कोहरे में बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो जाता है। सुबह जल्दी उठकर ठंड में निकलना बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में स्कूल बंद रहने से बच्चों को आराम मिलेगा और बीमारियों से भी बचाव होगा।
हालांकि, कुछ अभिभावक इस बात को लेकर चिंतित भी हैं कि पढ़ाई का नुकसान न हो। इसी वजह से कई स्कूलों ने होमवर्क, ऑनलाइन क्लास और पढ़ाई से जुड़े निर्देश छात्रों को दिए हैं, ताकि पाठ्यक्रम पर असर न पड़े। शिक्षक भी छात्रों को घर पर पढ़ाई जारी रखने की सलाह दे रहे हैं।
शिक्षा विभाग ने साफ कहा है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे भी निर्णय लिए जा सकते हैं। अगर ठंड और कोहरा ज्यादा बढ़ता है तो अवकाश की अवधि बढ़ाई जा सकती है। वहीं, मौसम में सुधार होने पर स्कूलों को दोबारा खोलने की सूचना पहले से दी जाएगी।
कुल मिलाकर, शीतकालीन अवकाश का यह फैसला बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे स्कूल और प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर नजर रखें और बच्चों को ठंड से बचाने के पूरे इंतजाम करें। जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता, तब तक सावधानी बरतना ही सबसे बेहतर विकल्प है।
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