Last updated: January 2nd, 2026 at 07:41 pm

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में एक अहम बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने की। बैठक का उद्देश्य आगामी यूपी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना और पार्टी की स्थिति को मजबूत करना था। यह बैठक राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष, युवा और वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने 2027 के चुनावों को लेकर रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। मुख्य फोकस यह था कि पार्टी कैसे उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत कर सकती है और जनता के बीच अपनी छवि सुधार सकती है। इसके लिए पार्टी ने विभिन्न क्षेत्रों में संगठनात्मक मजबूती और प्रचार-प्रसार की योजना बनाई।
प्रियंका गांधी ने बैठक में सभी नेताओं को दिशा-निर्देश दिए कि पार्टी को प्रत्येक जिले और ब्लॉक स्तर तक सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं और महिलाओं को पार्टी के संगठन में शामिल करना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से जनता की समस्याओं को सीधे सुनने और उनका समाधान पेश करने की अपील की।
बैठक में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की वर्तमान राजनीतिक स्थिति का विश्लेषण भी किया गया। पार्टी नेताओं ने पिछले चुनावों में हुई कमियों और सफलताओं पर चर्चा की। उन्होंने तय किया कि आगामी चुनावों में जनता तक पहुँचने के लिए प्रचार-प्रसार के नए तरीके अपनाए जाएंगे। सोशल मीडिया, लोकल मीडिया और जनसंपर्क अभियान के माध्यम से जनता तक पार्टी का संदेश पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विशेष रूप से बैठक में यह भी तय किया गया कि पार्टी को अपनी जनता विरोधी नीतियों और विपक्ष के कमजोरियों को उजागर करने में सक्षम बनाना होगा। इसके लिए टीमों का गठन किया गया जो स्थानीय मुद्दों पर फोकस करेंगी और जनता के बीच पार्टी की योजनाओं और नीतियों को प्रभावी ढंग से पेश करेंगी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रियंका गांधी की अगुवाई में हुई यह बैठक कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश में अपनी साख और संगठनात्मक मजबूती बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से पार्टी आगामी चुनाव में अपनी रणनीति को प्रभावी और मजबूत बनाने की कोशिश कर रही है।
कुल मिलाकर, कांग्रेस की दिल्ली में हुई यह बैठक यूपी 2027 के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें रणनीति तय करने के साथ-साथ संगठन और प्रचार-प्रसार की योजना भी बनाई गई। पार्टी का उद्देश्य यह है कि आगामी चुनाव में जनता के बीच अपनी छवि मजबूत करे और उत्तर प्रदेश में सत्तापक्ष के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाए।
इस बैठक से यह संकेत भी मिलता है कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश के चुनावों में पूरी तरह सक्रिय होने और जनता के साथ संवाद बढ़ाने के लिए तैयार है। आने वाले महीनों में पार्टी की गतिविधियां तेज होंगी और इसके परिणाम चुनावों में दिखाई देने की संभावना है।
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