Last updated: January 3rd, 2026 at 05:29 pm

दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी AIIMS ने मरीजों के इलाज से जुड़ा एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस नए फैसले के तहत अब रेफरल मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि जो मरीज किसी दूसरे अस्पताल से गंभीर हालत में AIIMS भेजे जाएंगे, उनका इलाज पहले किया जाएगा। वहीं सामान्य मरीजों को इलाज के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है।
AIIMS देश का सबसे बड़ा और भरोसेमंद सरकारी अस्पताल माना जाता है। यहां हर दिन हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिनमें दिल्ली के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले लोग भी शामिल होते हैं। मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा होने के कारण अस्पताल पर लगातार दबाव बना रहता है। इसी दबाव को कम करने और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज देने के लिए यह फैसला लिया गया है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कई बार ऐसे मरीज AIIMS पहुंचते हैं जिनकी हालत बहुत नाजुक होती है। वे पहले किसी छोटे अस्पताल या जिला अस्पताल में इलाज करा रहे होते हैं और वहां से उन्हें AIIMS रेफर किया जाता है। ऐसे मरीजों को तुरंत इलाज की जरूरत होती है, लेकिन ज्यादा भीड़ के कारण उन्हें भी इंतजार करना पड़ता था। नए नियम के बाद अब ऐसे गंभीर और रेफरल मरीजों को सीधे प्राथमिक इलाज मिलेगा।
इस बदलाव का असर आम मरीजों पर जरूर पड़ेगा। जो लोग छोटी या सामान्य बीमारी के लिए सीधे AIIMS आते हैं, उन्हें अब पहले से ज्यादा समय तक लाइन में लगना पड़ सकता है। कुछ मामलों में डॉक्टर से मिलने या जांच कराने में देरी भी हो सकती है। हालांकि AIIMS का मानना है कि यह कदम जरूरी है, ताकि जान बचाने वाले इलाज में किसी तरह की देर न हो।
AIIMS प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि यह फैसला किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि इलाज की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लिया गया है। गंभीर मरीजों को समय पर इलाज न मिलने से जान का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में रेफरल मरीजों को प्राथमिकता देना एक जरूरी कदम है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय सही दिशा में उठाया गया कदम है। बड़े अस्पतालों में गंभीर और सामान्य मरीजों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होनी चाहिए। इससे संसाधनों का सही इस्तेमाल होगा और डॉक्टर भी बेहतर तरीके से मरीजों का इलाज कर पाएंगे।
आम लोगों को सलाह दी जा रही है कि अगर बीमारी ज्यादा गंभीर नहीं है, तो पहले अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल या डिस्पेंसरी में इलाज कराएं। वहीं अगर डॉक्टर वहां से AIIMS रेफर करते हैं, तो ऐसे मरीजों को यहां जल्दी इलाज मिल सकेगा।
कुल मिलाकर, AIIMS दिल्ली का यह नया बदलाव गंभीर मरीजों के लिए राहत लेकर आया है। हालांकि आम मरीजों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में इससे अस्पताल की व्यवस्था बेहतर होने और ज्यादा जानें बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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