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दिल्ली में 2600 साल पुराने इतिहास और बुद्ध की विरासत की प्रदर्शनी

दिल्ली में प्राचीन बुद्ध प्रदर्शनी शुरू दिल्ली के राय पिथौरा किले में एक नई और आकर्षक प्रदर्शनी का आयोजन किया
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दिल्ली में प्राचीन बुद्ध प्रदर्शनी शुरू

दिल्ली के राय पिथौरा किले में एक नई और आकर्षक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। यह प्रदर्शनी 2600 साल पुराने इतिहास और बुद्ध की विरासत को दर्शाने वाली है। इसे देखने के लिए इतिहास और संस्कृति के शौकीन लोग बड़ी संख्या में आ रहे हैं। प्रदर्शनी अगले 6 महीनों तक जारी रहेगी और इसमें कई प्रकार के प्राचीन अवशेष, मूर्तियाँ और डिजिटल फिल्में दिखाई जाएंगी।

इस प्रदर्शनी का उद्देश्य लोगों को प्राचीन भारतीय इतिहास और बुद्ध की शिक्षाओं के बारे में जानकारी देना है। प्राचीन अवशेषों को देखकर दर्शक उस समय की जीवन शैली, धार्मिक आस्था और कला-संस्कृति को समझ सकते हैं। साथ ही, डिजिटल फिल्में दर्शकों को अधिक रोचक तरीके से इतिहास और घटनाओं के बारे में जानकारी देती हैं।

प्रदर्शनी में विभिन्न कालखंडों की मूर्तियों और शिलालेखों को भी रखा गया है। इन अवशेषों से यह पता चलता है कि उस समय लोगों का जीवन, उनके रीति-रिवाज और धार्मिक आस्थाएँ कितनी समृद्ध थीं। इसमें बुद्ध से जुड़ी प्रतिमाओं और उनके जीवन के महत्वपूर्ण घटनाओं को भी प्रदर्शित किया गया है।

दर्शक इस प्रदर्शनी में आकर केवल अवशेष ही नहीं देख सकते, बल्कि डिजिटल माध्यम के जरिए इंटरएक्टिव अनुभव भी ले सकते हैं। बच्चों और छात्रों के लिए यह प्रदर्शनी बहुत शिक्षाप्रद है क्योंकि वे इतिहास को केवल किताबों से नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष देखने और अनुभव करने से सीख सकते हैं।

प्रदर्शनी के आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा। दिल्ली जैसे बड़े शहर में ऐसे आयोजनों से न केवल स्थानीय लोग बल्कि अन्य राज्यों और विदेशों से आने वाले पर्यटक भी आकर्षित होंगे। इससे शहर में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन के क्षेत्र में भी लाभ होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की प्रदर्शनी से लोगों में इतिहास और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ती है। युवा और छात्र इस अवसर का लाभ उठाकर प्राचीन भारतीय कला, धर्म और संस्कृति के बारे में अधिक जान सकते हैं। इसके अलावा, यह प्रदर्शनी स्थानीय कलाकारों और इतिहासकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

प्रदर्शनी का आयोजन इस तरह से किया गया है कि सभी उम्र के लोग इसे आसानी से देख सकें। इसमें मार्गदर्शक और सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं, जिससे दर्शक प्रत्येक अवशेष और मूर्ति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

इस प्रकार, दिल्ली में प्राचीन बुद्ध प्रदर्शनी न केवल इतिहास और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाएगी, बल्कि लोगों को शिक्षा, मनोरंजन और आध्यात्मिक अनुभव का भी अवसर प्रदान करेगी। अगले छह महीनों तक यह प्रदर्शनी राजधानी दिल्ली में इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण आकर्षण बनेगी।

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