Last updated: January 7th, 2026 at 11:57 am

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान आम लोगों की समस्याएँ सुनीं। इस कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए लोगों ने अपनी शिकायतें और परेशानियाँ सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखीं। जनता दर्शन में करीब 200 से ज्यादा लोगों की समस्याएँ सुनी गईं, जिससे यह साफ होता है कि सरकार जनता से सीधे संवाद को कितनी अहमियत दे रही है।
जनता दर्शन का मुख्य उद्देश्य यह है कि आम आदमी को अपनी बात कहने के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। लोग अपनी शिकायत सीधे मुख्यमंत्री तक पहुँचा सकें और उन्हें जल्दी न्याय मिले। इसी सोच के साथ सीएम योगी ने हर शिकायत को ध्यान से सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही जरूरी निर्देश दिए।
इस दौरान लोगों ने जमीन विवाद, पुलिस से जुड़ी शिकायतें, इलाज में मदद, आर्थिक सहायता, आवास, पेंशन और सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याएँ रखीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से साफ कहा कि किसी भी फरियादी की समस्या को हल्के में न लिया जाए और तय समय के भीतर समाधान किया जाए।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि जनता दर्शन सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जनता के प्रति सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन मामलों में तुरंत कार्रवाई संभव थी, उनमें मौके पर ही आदेश दिए गए, जबकि बाकी मामलों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए।
जनता दर्शन में महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों की शिकायतों को प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि कमजोर वर्गों की समस्याओं का समाधान तेजी से होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि शिकायतों का समाधान होने के बाद उसकी जानकारी शिकायतकर्ता को जरूर दी जाए।
इस कार्यक्रम से लोगों में सरकार के प्रति भरोसा बढ़ा है। जनता का कहना है कि जब मुख्यमंत्री खुद उनकी बात सुनते हैं, तो उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत होती है। कई लोगों ने बताया कि पहले उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था, लेकिन जनता दर्शन के बाद उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।
योगी सरकार लगातार जनता दर्शन जैसे कार्यक्रमों के जरिए शासन को और ज्यादा जवाबदेह बनाने की कोशिश कर रही है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुँचे और भ्रष्टाचार व लापरवाही पर लगाम लगे।
कुल मिलाकर, गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम यह दिखाता है कि सरकार जनता की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है। अगर इस तरह की कार्यवाही नियमित रूप से और ईमानदारी से होती रही, तो इससे शासन व्यवस्था और जनता के बीच का भरोसा और मजबूत होगा।
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