
उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह का जन्मदिन इस बार राजनीति से ज्यादा शाही उपहारों की वजह से चर्चा में रहा. उनके जन्मदिन पर उन्हें ऐसा तोहफा मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. ढाई करोड़ रुपये की कीमत वाला थरोब्रेड नस्ल का एक विदेशी घोड़ा उन्हें भेंट किया गया, जो महज तीन दिन पहले ही लंदन से भारत पहुंचा था.
लंदन से भारत तक का सफर
यह खास घोड़ा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार जीत चुका है और अपनी तेज रफ्तार व शानदार बनावट के लिए जाना जाता है. इस घोड़े को हरियाणा के रेवाड़ी निवासी रवि चौहान और उनकी पत्नी संगीता चौहान ने उपहार में दिया. जन्मदिन के मौके पर जब यह जानकारी सामने आई, तो राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा होने लगी.
घोड़ों से पुराना लगाव
रवि चौहान ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से घोड़ों से जुड़ा हुआ है. वे मूल रूप से रविंद्रगढ़ के रहने वाले हैं और फिलहाल दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास उनका निवास है. उन्होंने बताया कि दिल्ली में उनके पास करीब 100 घोड़े हैं, जिनकी देखभाल उनकी पत्नी स्वयं करती हैं. बृजभूषण शरण सिंह से उनकी मुलाकातें अक्सर होती रहती हैं और उन्होंने नेताजी के भीतर घोड़ों के प्रति गहरा प्रेम और सम्मान देखा है.
सम्मान और प्रतीक के रूप में उपहार
रवि चौहान के अनुसार, बृजभूषण शरण सिंह का घोड़ों के प्रति लगाव ही इस खास तोहफे की वजह बना. उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी संगीता चौहान ने सुझाव दिया कि जन्मदिन पर ऐसा उपहार दिया जाए, जो सिर्फ महंगा ही नहीं बल्कि भावनात्मक और प्रतीकात्मक भी हो. उनके अनुसार घोड़ा शक्ति, सम्मान और आत्मबल का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इससे बेहतर तोहफा और कुछ हो ही नहीं सकता था.
सोने की चेन और अन्य उपहार
विदेशी घोड़े के अलावा जन्मदिन पर अन्य खास उपहार भी दिए गए. थाई बॉक्सिंग की राष्ट्रीय ब्रांड एम्बेसडर आराधना सोलंकी ने बृजभूषण शरण सिंह को सोने की चेन भेंट की. वहीं हरियाणा से आए कुछ भाई-बहनों ने उन्हें जैकेट उपहार में दी. इन सभी तोहफों ने इस जन्मदिन समारोह को और खास बना दिया.
क्या है थरोब्रेड घोड़े की खासियत
थरोब्रेड घोड़े अपनी जबरदस्त रफ्तार और दमदार शरीर के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं. इस नस्ल का विकास 17वीं शताब्दी में इंग्लैंड में हुआ था. आमतौर पर इनकी ऊंचाई 15 से 17 हाथ तक होती है और वजन 400 से 600 किलो के बीच रहता है. लंबे पैर और मजबूत मांसपेशियां इन्हें रेसिंग के लिए आदर्श बनाती हैं.
बृजभूषण शरण सिंह का यह जन्मदिन सिर्फ एक निजी आयोजन नहीं रहा, बल्कि शाही अंदाज, परंपरा और शक्ति के प्रतीकों के कारण एक राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है.
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