Last updated: January 10th, 2026 at 03:45 pm

बिहार के खगड़िया जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और आम लोगों दोनों को चौंका दिया है। जिले के डीएम कार्यालय में कुछ लोगों ने अचानक घुसकर जमकर हंगामा किया। यह सिर्फ नारेबाज़ी या बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मामला तब और गंभीर हो गया जब कुछ युवक एसपी की कुर्सी पर बैठ गए और वहीं से मोबाइल पर रील बनाने लगे। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।जानकारी के अनुसार, कुछ लोग किसी निजी काम या शिकायत को लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे थे। लेकिन बातचीत के बजाय उन्होंने शोर-शराबा शुरू कर दिया और बिना अनुमति अधिकारियों के चैंबर में घुस गए। दफ्तर जैसे संवेदनशील और अनुशासित जगह पर इस तरह का व्यवहार न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सरकारी कामकाज में भी बाधा डालता है। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ लोग एसपी की कुर्सी पर बैठकर रील बनाने लगे और इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया।वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया। जांच में यह बात सामने आई कि कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही हुई थी। जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी वहां लगी थी, उन्होंने लोगों को रोकने में ठीक से काम नहीं किया। इसी वजह से प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 8 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की। इनमें से कुछ को निलंबित किया गया और कुछ के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए।इसके साथ ही हंगामा करने वाले लोगों पर भी सख्ती दिखाई गई। पुलिस ने इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर सरकारी काम में बाधा डालने, बिना अनुमति सरकारी दफ्तर में घुसने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने जैसे आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो और अन्य सबूतों के आधार पर आगे भी कार्रवाई हो सकती है।इस घटना के बाद प्रशासन ने साफ कहा है कि सरकारी दफ्तर किसी तरह की रीलबाज़ी या ड्रामा करने की जगह नहीं हैं। यहां आम लोगों की समस्याओं का समाधान होता है और अधिकारियों को अपने काम शांति से करने की जरूरत होती है। अगर कोई व्यक्ति नियम तोड़ता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में लोग अब हर जगह मर्यादा भूलते जा रहे हैं। पहले ऐसे काम सड़क या सार्वजनिक जगहों पर होते थे, लेकिन अब सरकारी दफ्तर भी इससे अछूते नहीं रहे। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।कुल मिलाकर, खगड़िया की यह घटना एक सबक है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। चाहे आम आदमी हो या सरकारी कर्मचारी, नियमों का पालन सभी को करना होगा। प्रशासन ने यह साफ संदेश दे दिया है कि सरकारी दफ्तर में अनुशासन तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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