Last updated: January 15th, 2026 at 12:42 pm

बिहार विधानसभा का बजट सत्र वर्ष 2026 के लिए तय कर दिया गया है। यह सत्र 2 फरवरी 2026 से शुरू होकर 27 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस पूरे बजट सत्र के दौरान विधानसभा की कुल 19 बैठकें आयोजित की जाएँगी। बजट सत्र को राज्य की राजनीति और विकास की दृष्टि से सबसे अहम सत्र माना जाता है, क्योंकि इसी दौरान सरकार अपने पूरे साल का आय-व्यय का हिसाब जनता और जनप्रतिनिधियों के सामने रखती है।
बजट सत्र में बिहार सरकार विधानसभा में अपना वार्षिक बजट पेश करेगी। इस बजट में यह बताया जाएगा कि सरकार के पास कितनी आय है, किन-किन स्रोतों से पैसा आएगा और उसे किन-किन योजनाओं पर खर्च किया जाएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, रोजगार, कृषि, उद्योग और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए कितनी राशि दी जाएगी, इसका पूरा ब्यौरा बजट भाषण में सामने आएगा।
इस सत्र में मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। वित्त मंत्री विधानसभा में बजट पेश करते हैं, जबकि मुख्यमंत्री सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हैं। बजट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गहन चर्चा होती है। विपक्ष सरकार से सवाल पूछता है, कमियों की ओर ध्यान दिलाता है और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाता है। वहीं सरकार अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को सामने रखती है।
बजट सत्र के दौरान केवल बजट ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होती है। विभिन्न विभागों के कामकाज, जनसमस्याएँ, कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं की प्रगति और नई नीतियों पर सदन में बहस होती है। कई बार इस सत्र में महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जाते हैं, जिनका राज्य के लोगों के जीवन पर सीधा असर पड़ता है।
19 बैठकों वाले इस सत्र में विधानसभा में कामकाज का कार्यक्रम पहले से तय किया जाएगा। हर दिन प्रश्नकाल, शून्यकाल और विशेष चर्चाएँ होंगी। प्रश्नकाल के दौरान विधायक मंत्रियों से सीधे सवाल पूछते हैं, जिससे सरकार की जवाबदेही तय होती है। शून्यकाल में सदस्य अचानक सामने आई समस्याओं को उठाते हैं, जैसे किसी जिले में बाढ़, सूखा, अपराध या प्रशासनिक लापरवाही।
आम जनता के लिए बजट सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी से यह तय होता है कि आने वाले साल में राज्य में विकास की दिशा क्या होगी। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, किसानों के लिए योजनाएँ, महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी कार्यक्रम—इन सभी पर बजट का सीधा प्रभाव पड़ता है। इसलिए लोग इस सत्र पर खास नजर रखते हैं।
कुल मिलाकर, 2 फरवरी से 27 फरवरी तक चलने वाला बिहार विधानसभा का बजट सत्र राज्य के भविष्य की दिशा तय करने वाला सत्र होगा। इसमें होने वाले फैसले और घोषणाएँ आने वाले पूरे साल तक बिहार की राजनीति, प्रशासन और विकास को प्रभावित करेंगी।
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