Last updated: January 17th, 2026 at 08:34 am

रोहतास जिले से एक प्रेरणादायक और भावनात्मक खबर सामने आई है, जहां परंपरा, श्रद्धा और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर उदाहरण देखने को मिला। करगहर प्रखंड अंतर्गत आदर्श ग्राम बहुआरा में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर एक परिवार ने अपनी दिवंगत बुजुर्ग की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए समाज को सकारात्मक संदेश दिया।
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रोहतास जिला के करगहर प्रखंड अंतर्गत आदर्श ग्राम बहुआरा निवासी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वरिष्ठ छात्र नेता एवं करगहर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह की माताजी तथा रोहतास जिला के ही आदर्श ग्राम विश्रामपुर निवासी वरिष्ठ समाजसेवी सुनील कुमार सिंह की बुआजी, स्वर्गीय धनवार्ता देवी का श्राद्ध कर्म 13 दिसंबर 2025 को विधि-विधान से संपन्न हुआ।
परिवारजनों ने बताया कि स्वर्गीय धनवार्ता देवी अपने जीवनकाल में पर्यावरण और प्रकृति के प्रति विशेष लगाव रखती थीं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि उनके निधन के बाद श्राद्ध कर्म के पश्चात उनके नाम से पैतृक भूमि पर पीपल का वृक्ष अवश्य लगाया जाए। उनका मानना था कि पीपल का वृक्ष न केवल धार्मिक दृष्टि से पवित्र होता है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।
स्वर्गीय धनवार्ता देवी की इसी इच्छा का सम्मान करते हुए आज 14 दिसंबर 2025 को मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों ने एकत्र होकर पैतृक भूमि में पीपल का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर पूरे विधि-विधान के साथ वृक्षारोपण किया गया, जल अर्पित किया गया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
कार्यक्रम के दौरान परिवारजनों ने कहा कि यह वृक्ष केवल एक पौधा नहीं, बल्कि स्वर्गीय धनवार्ता देवी की स्मृति और संस्कारों का प्रतीक है। उनके द्वारा व्यक्त की गई सोच आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है, जब पर्यावरण संरक्षण एक बड़ी चुनौती बन चुका है।
इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों की भी उपस्थिति रही, जिन्होंने परिवार के इस कार्य की सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह की पहल समाज को जागरूक करती है और आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देती है।
मकर संक्रांति जैसे पावन पर्व पर किया गया यह वृक्षारोपण कार्यक्रम न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि यह सामाजिक सरोकारों से जुड़ा एक मजबूत संदेश भी देता है। यह घटना दर्शाती है कि यदि हर व्यक्ति अपने जीवन और परंपराओं को पर्यावरण से जोड़ दे, तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।
स्वर्गीय धनवार्ता देवी की स्मृति में लगाया गया पीपल का यह वृक्ष आने वाले वर्षों में न केवल छाया और जीवन देगा, बल्कि उनकी सोच और संस्कारों को भी जीवित रखेगा। यह पहल निश्चित रूप से समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।
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