Last updated: January 17th, 2026 at 06:02 pm

बिहार के दानापुर इलाके में पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग लोगों को फर्जी लोन का झांसा देकर ठग रहे थे। आसान शब्दों में कहें तो ये गिरोह मोबाइल और इंटरनेट के जरिए लोगों को पैसे का लालच देता था और फिर उनके बैंक खाते से पैसा उड़ा लेता था। पुलिस की इस कार्रवाई से आम लोगों में राहत की भावना है और साइबर ठगों में डर का माहौल बना है।
पुलिस के मुताबिक ये अपराधी सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों से संपर्क करते थे। वे खुद को किसी नामी फाइनेंस कंपनी या बैंक का एजेंट बताते थे। फिर कहते थे कि बिना ज्यादा कागज के तुरंत लोन मिल जाएगा। जैसे ही कोई व्यक्ति इनके झांसे में आ जाता, ये उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक डिटेल और ओटीपी मांग लेते थे। ओटीपी मिलते ही ये लोग खाते से पैसे निकाल लेते या फर्जी लोन लेकर पैसा अपने पास रख लेते थे।
कई पीड़ितों ने दानापुर थाने में शिकायत की थी कि उनके साथ ठगी हुई है। पुलिस ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और एक खास टीम बनाई। तकनीकी जांच, कॉल डिटेल और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की मदद से पुलिस ने इस गिरोह तक पहुंच बनाई। छापेमारी कर अलग-अलग जगहों से 10 लोगों को पकड़ा गया। इनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने माना कि वे लंबे समय से इस काम में लगे थे। उनका तरीका सीधा था – पहले भरोसा जीतो, फिर डेटा लो और बाद में खाते खाली कर दो। ये लोग गरीब, बेरोजगार और जल्दी पैसा चाहने वालों को ज्यादा निशाना बनाते थे। कई लोग शर्म या डर के कारण शिकायत नहीं करते थे, जिससे इनका हौसला बढ़ता गया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि यह सिर्फ शुरुआत है। आगे और भी लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस आम जनता से अपील कर रही है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। कोई भी बैंक या कंपनी फोन पर ओटीपी, पिन या पासवर्ड नहीं मांगती। अगर कोई ऐसा करे तो तुरंत सतर्क हो जाएं और नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
आज के समय में इंटरनेट और मोबाइल हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन इसके साथ खतरे भी बढ़े हैं। इसलिए जरूरी है कि हम जागरूक रहें। दानापुर पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि अपराधी चाहे ऑनलाइन हों या ऑफलाइन, कानून से बच नहीं सकते। अगर हम सब मिलकर सतर्क रहेंगे और समय पर शिकायत करेंगे, तो साइबर ठगी पर लगाम लगाई जा सकती है।
यह कार्रवाई उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण है, जो साइबर अपराध के शिकार हुए हैं। पुलिस का यह कदम बताता है कि सरकार और प्रशासन जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर है। अब जरूरत है कि आम लोग भी जिम्मेदारी निभाएं और किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए समझदारी से काम लें।
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