Last updated: January 22nd, 2026 at 05:59 pm

बिहार और केंद्र सरकार की संयुक्त सुरक्षा समीक्षा के बाद कई बड़े नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है। इस फैसले में कुछ नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई है, तो कुछ की घटाई या पूरी तरह हटा ली गई है। यह निर्णय वीआईपी सुरक्षा को लेकर बनी कमेटी ने लिया है, जो समय-समय पर खतरे के आकलन के आधार पर सुरक्षा स्तर तय करती है।
सबसे ज्यादा चर्चा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव की सुरक्षा को लेकर है। उन्हें अब तक जेड श्रेणी की सुरक्षा मिल रही थी, जिसे घटाकर वाई प्लस कर दिया गया है। पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले अगस्त महीने में उनकी सुरक्षा वाई प्लस से बढ़ाकर जेड की गई थी। अब नई समीक्षा के बाद माना गया है कि उन्हें उतनी ज्यादा सुरक्षा की जरूरत नहीं है, इसलिए स्तर कम किया गया है।
वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उन्हें अब पूरे देश में जेड श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी। इसके अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू सांसद और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह तथा बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को भी जेड श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला हुआ है।
दूसरी ओर, कांग्रेस और राजद के कुछ नेताओं की पुलिस सुरक्षा पूरी तरह हटा ली गई है। इनमें राजद नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और कांग्रेस विधानपार्षद मदन मोहन झा शामिल हैं। इनके साथ अब पहले जैसी सरकारी सुरक्षा नहीं रहेगी।
कुल मिलाकर देखा जाए तो एनडीए से जुड़े नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई है, जबकि विपक्षी दलों के कई नेताओं की सुरक्षा में कटौती की गई है। हालांकि गृह विभाग की ओर से अभी तक इस फैसले से जुड़ी आधिकारिक अधिसूचना देर शाम तक जारी नहीं हो सकी थी।
सरकार का कहना है कि सुरक्षा किसी पद या पार्टी के आधार पर नहीं, बल्कि खतरे के आकलन के आधार पर तय की जाती है। फिर भी, इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है और आने वाले दिनों में इस पर बयानबाजी और बढ़ सकती है।
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