Last updated: January 26th, 2026 at 10:59 am

Dehradun News: राजधानी देहरादून में साइबर अपराधियों ने एक बुजुर्ग को अपना शिकार बनाते हुए 14.60 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर पीड़ित को छह दिनों तक मानसिक दबाव में रखा और तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर उनसे बड़ी रकम वसूल ली।
रायपुर क्षेत्र निवासी सनमीत सिंह के अनुसार, 6 जनवरी को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को मुंबई स्थित सीबीआई मुख्यालय से जुड़ा अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि पीड़ित के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर मुंबई के छत्रपति शिवाजी एयरपोर्ट से एक सिम कार्ड लिया गया है, जिसका संबंध एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले से बताया गया।
फर्जी दस्तावेज भेजकर बनाया दबाव
ठगों ने व्हाट्सएप पर कथित केस से जुड़े दस्तावेज भी भेजे और लगातार कॉल कर पीड़ित को डराया। उन्हें बताया गया कि इस मामले में न केवल वे बल्कि उनका परिवार भी जांच के दायरे में है। गिरफ्तारी और खाते सीज करने की धमकी देकर उनसे पैसों की मांग की गई।
डर के माहौल में ट्रांसफर कराए लाखों रुपये
मानसिक तनाव में आकर पीड़ित ने 8 जनवरी को बताए गए बैंक खाते में 3.10 लाख रुपये जमा कर दिए, जिसकी उन्हें एक रसीद भी भेजी गई। इसके बाद भी कॉल बंद नहीं हुईं और परिवार की सुरक्षा का हवाला देकर दूसरी रकम भेजने का दबाव बनाया गया। 12 जनवरी को पीड़ित ने एक अन्य खाते में 11.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इस बार कोई रसीद न मिलने पर उन्हें ठगी का शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क किया।
साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज
रायपुर साइबर क्राइम थाना प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और संबंधित खातों व कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी एजेंसी के नाम पर आने वाली कॉल या मैसेज पर बिना पुष्टि के पैसे ट्रांसफर न करें।
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