Last updated: January 27th, 2026 at 04:27 pm

आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी समृद्धि यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत मधुबनी जिले से की। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है राज्य में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा करना, नई योजनाओं की शुरुआत करना और सीधे जनता से संवाद करना। मुख्यमंत्री का मानना है कि जब सरकार खुद लोगों के बीच जाकर उनकी बातें सुनती है, तब योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता है।
मधुबनी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने लगभग 391 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन योजनाओं में सड़क, पुल, पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल भवन, जल संरक्षण और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इनसे जिले की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और लोगों को रोजमर्रा के जीवन में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
समृद्धि यात्रा का एक बड़ा उद्देश्य यह भी है कि सरकार यह देख सके कि पहले से चल रही योजनाएं जमीन पर कितनी सफल हो रही हैं। कई बार योजनाएं कागजों में तो ठीक दिखती हैं, लेकिन असल में लोगों को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे में मुख्यमंत्री खुद मौके पर जाकर अधिकारियों से जानकारी लेते हैं और जनता से सीधा फीडबैक लेते हैं।
मधुबनी में मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। लोगों ने सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे रखे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों का समय पर समाधान किया जाए और किसी भी योजना में लापरवाही न हो।
इस यात्रा के जरिए सरकार यह संदेश देना चाहती है कि विकास सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गांव और छोटे कस्बों तक भी बराबर पहुंचे। मधुबनी जैसे जिले में विकास कार्यों की शुरुआत से रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। जब सड़कें, स्कूल और अस्पताल बनते हैं, तो स्थानीय लोगों को काम मिलता है और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
समृद्धि यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पहलू है पारदर्शिता। जब मुख्यमंत्री खुद दौरा करते हैं, तो अधिकारियों पर भी जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे ईमानदारी से काम करें। इससे सरकारी कामकाज में भरोसा बढ़ता है और जनता को लगता है कि सरकार उनके साथ खड़ी है।
आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री इस यात्रा के तहत दूसरे जिलों का भी दौरा करेंगे। हर जिले में विकास योजनाओं की समीक्षा होगी और नई परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी। इसका मकसद है कि पूरे बिहार में समान रूप से विकास हो और कोई इलाका पीछे न रह जाए।
सरल शब्दों में कहें तो समृद्धि यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत मधुबनी से करके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह दिखाया है कि सरकार जनता के बीच जाकर काम करना चाहती है। 391 करोड़ रुपये की परियोजनाएं जिले के विकास को नई गति देंगी और लोगों के जीवन को आसान बनाएंगी। यह यात्रा बिहार को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।
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