Last updated: February 2nd, 2026 at 06:48 am

गोरखपुर से सामने आई एक घटना ने न सिर्फ स्थानीय राजनीति बल्कि सामाजिक माहौल को भी गर्मा दिया है। राजन जी महाराज से जुड़े कुछ सदस्यों को कथित तौर पर गोली मारने की धमकी मिलने के बाद जो बयान सामने आया, उसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी। “कौन गोली मारेगा, कौन अपनी मां का दूध पिया है” जैसे शब्द सिर्फ एक प्रतिक्रिया नहीं थे, बल्कि डर के खिलाफ खुली चुनौती माने जा रहे हैं।
धमकी से शुरू हुआ पूरा मामला
सूत्रों के मुताबिक, राजन जी महाराज से जुड़े लोगों को फोन और अन्य माध्यमों से जान से मारने की धमकी दी गई। इस खबर के फैलते ही समर्थकों में गुस्सा और चिंता दोनों देखने को मिली। कई लोगों ने इसे सीधे तौर पर डराने की साजिश बताया। समर्थकों का कहना है कि इस तरह की धमकियों का मकसद माहौल बिगाड़ना और सामाजिक गतिविधियों को रोकना है।
राजन जी महाराज का तीखा बयान
जब इस पूरे मामले पर राजन जी महाराज की प्रतिक्रिया आई, तो वह काफी कड़ी और भावनात्मक थी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि धमकी देने वाले डर फैलाना चाहते हैं, लेकिन वे और उनके लोग इससे डरने वाले नहीं हैं। उनका बयान समर्थकों के लिए हौसले की तरह सामने आया। कई लोग इसे आत्मविश्वास और निडरता का प्रतीक मान रहे हैं, जबकि कुछ वर्ग इसे उकसाने वाला बयान भी बता रहे हैं।
समर्थकों में जोश और भावनाएं
बयान के बाद गोरखपुर में राजन जी महाराज के समर्थकों के बीच खासा जोश देखा गया। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय बैठकों तक, लोग उनके समर्थन में खुलकर बोलते नजर आए। समर्थकों का कहना है कि धमकी देने वालों को कानून के दायरे में रहकर जवाब दिया जाना चाहिए, लेकिन डर के आगे झुकने का सवाल ही नहीं उठता।
प्रशासन और पुलिस की भूमिका
मामले की जानकारी प्रशासन और पुलिस तक पहुंच चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। धमकी देने वालों की पहचान करने की कोशिशें जारी हैं और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि इलाके में शांति बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है।
बयान का सामाजिक और राजनीतिक अर्थ
राजन जी महाराज का बयान सिर्फ एक व्यक्ति की प्रतिक्रिया नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे मौजूदा सामाजिक तनाव और अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़कर देखा जा रहा है। कुछ लोग इसे साहसिक रुख मानते हैं, तो कुछ इसे संयम से हटकर दिया गया बयान कहते हैं। साफ है कि इस पूरे मामले ने गोरखपुर में सुरक्षा, अभिव्यक्ति और कानून व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है।
आने वाले दिनों में जांच का क्या नतीजा निकलता है, यह देखना अहम होगा। फिलहाल, यह मामला सिर्फ एक धमकी का नहीं, बल्कि डर और हिम्मत के बीच खड़े समाज की तस्वीर पेश करता है।
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