Last updated: February 3rd, 2026 at 04:34 pm

बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने वर्ष 2026–27 के लिए करीब ₹3.47 लाख करोड़ का बजट पेश किया है। सरकार ने इस बजट का मुख्य लक्ष्य “विकसित बिहार” को साकार करना बताया है। इसका मतलब है कि राज्य को आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी सुविधाओं के मामले में आगे बढ़ाना, ताकि आम लोगों की ज़िंदगी आसान हो सके और रोजगार के नए मौके बनें।इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, कृषि, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के रोजगार जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया गया है। सरकार का मानना है कि अगर इन क्षेत्रों को मजबूत किया जाएगा, तो बिहार तेजी से प्रगति करेगा। बजट में स्कूलों और कॉलेजों की सुविधाएं सुधारने, नए शिक्षकों की भर्ती और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की बातें शामिल हैं। इससे बच्चों और युवाओं को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिलेगा।स्वास्थ्य के क्षेत्र में अस्पतालों की संख्या बढ़ाने, पुराने अस्पतालों को आधुनिक बनाने और गांवों तक बेहतर इलाज पहुंचाने पर जोर दिया गया है। कई जिलों में नए स्वास्थ्य केंद्र और आयुष अस्पताल बनाने की योजना है, ताकि लोगों को अपने ही इलाके में इलाज मिल सके और बड़े शहरों पर निर्भरता कम हो।कृषि बिहार की रीढ़ है, इसलिए किसानों के लिए भी कई योजनाएं रखी गई हैं। सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने, बीज और खाद पर मदद, और फसल बीमा जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही गई है। सरकार चाहती है कि किसान सिर्फ खेती तक सीमित न रहें, बल्कि खेती से जुड़े उद्योगों में भी काम करें, जिससे उनकी आमदनी बढ़े।महिलाओं के लिए भी इस बजट में कई प्रावधान किए गए हैं। स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक मदद, महिला उद्यमिता को बढ़ावा और लड़कियों की शिक्षा के लिए नई योजनाएं शामिल हैं। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और समाज में उनकी भूमिका और मजबूत होगी।सड़क, पुल, रेल और बिजली जैसे बुनियादी ढांचे पर भी बड़ा खर्च किया जाएगा। गांवों को शहरों से जोड़ने वाली सड़कों का निर्माण, नई बस सेवाएं और बेहतर बिजली व्यवस्था से लोगों का रोजमर्रा का जीवन आसान होगा। व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।इस बजट का मकसद सिर्फ खर्च करना नहीं, बल्कि राज्य को लंबे समय तक मजबूत बनाना है। सरकार का कहना है कि “विकसित बिहार” का सपना तभी पूरा होगा जब हर वर्ग—किसान, मजदूर, युवा, महिला और व्यापारी—सबको साथ लेकर चला जाए। अगर योजनाएं सही तरीके से लागू हुईं, तो आने वाले वर्षों में बिहार आर्थिक और सामाजिक रूप से और मजबूत बन सकता है।कुल मिलाकर, 2026–27 का यह बजट बिहार के लिए एक नई दिशा दिखाने वाला कदम है, जिसमें विकास, रोजगार और लोगों की भलाई को सबसे ऊपर रखा गया है।
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