Last updated: February 5th, 2026 at 11:40 am
उत्तराखंड के चम्पावत जिले में साइबर अपराध का एक नया मामला सामने आया है, जहां अज्ञात साइबर ठगों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार के नाम और फोटो का दुरुपयोग करते हुए एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बना लिया। इस फर्जी अकाउंट के जरिए जिले के कई अधिकारियों को अंग्रेजी भाषा में संदेश भेजे गए, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, अधिकारियों के मोबाइल पर जो व्हाट्सएप मैसेज आए, वह एक विदेशी नंबर से भेजे गए थे, जिसका कंट्री कोड वियतनाम (+84) का बताया जा रहा है। जब अधिकारियों ने प्रोफाइल चेक की तो उसमें जिलाधिकारी की तस्वीर लगी हुई थी, जिससे संदेह और गहरा गया।
‘Hello’ मैसेज से खुली पोल
वन विभाग के एसडीओ सुनील कुमार को सबसे पहले इस संदिग्ध नंबर से ‘Hello’ का संदेश प्राप्त हुआ। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना जिला सूचना अधिकारी धीरज कार्की को दी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए संदिग्ध नंबर को ब्लॉक किया गया और जिलाधिकारी को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया।
डीएम ने किया अलर्ट, मामला पहुंचा साइबर सेल तक
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने तुरंत इस तरह के किसी भी मैसेज पर प्रतिक्रिया न देने की अपील की। उन्होंने फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट का स्क्रीनशॉट साझा कर अधिकारियों और आम नागरिकों को सतर्क रहने को कहा। इसके साथ ही जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद जांच साइबर सेल को सौंप दी गई है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे प्रयास
यह पहला मौका नहीं है जब जिले में इस तरह की साइबर ठगी की कोशिश सामने आई हो। अगस्त 2024 में भी तत्कालीन जिलाधिकारी नवनीत पांडेय के नाम से फर्जी व्हाट्सएप आईडी बनाकर अधिकारियों से पैसे मांगने का मामला सामने आया था। वहीं, इससे पहले पूर्व सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के नाम से भी इसी तरह की ठगी की कोशिश की जा चुकी है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने अधिकारियों और आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। यदि किसी अधिकारी के नाम से पैसे या व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाती है तो तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को सूचित करें।
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