Last updated: February 5th, 2026 at 04:23 pm

तेजस्वी यादव का हमला: NDA ने चुनाव जितने के लिए ₹40,000 करोड़ खर्च किए — आसान
बिहार विधानसभा में आज राजनीति काफी गरम रही। नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता *तेजस्वी यादव* ने सत्ताधारी गठबंधन *NDA* पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार के विधानसभा चुनाव में उन्हें हराने के लिए NDA ने करीब *₹40,000 करोड़ रुपये खर्च किए*। तेजस्वी का कहना है कि इतना ज्यादा पैसा बहाकर चुनाव को प्रभावित किया गया और लोकतंत्र की भावना को कमजोर किया गया।
तेजस्वी यादव ने विधानसभा में बोलते हुए कहा कि यह चुनाव जनता की ताकत से नहीं, बल्कि *धनबल और सत्ता के दबाव* से जीता गया। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता के मुद्दों पर बात करने की जगह सरकार ने पैसे और सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया। उनका मानना है कि जब चुनाव में इतना ज्यादा पैसा लगाया जाता है, तो आम लोगों की आवाज दब जाती है और सही मायने में लोकतंत्र कमजोर हो जाता है।
तेजस्वी ने यह भी कहा कि चुनाव से पहले सरकार ने कई योजनाएं और घोषणाएं इस तरह कीं, जिनका मकसद सिर्फ वोट हासिल करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को लुभाने के लिए तरह-तरह की सुविधाएं और पैसे बांटे गए, ताकि लोग सरकार के पक्ष में वोट दें। उनके मुताबिक, यह सब एक सोच-समझी रणनीति थी जिससे विपक्ष को कमजोर किया जा सके।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान डर का माहौल बनाया गया। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर लोग खुलकर अपनी राय नहीं रख पा रहे थे। प्रशासन और सरकारी तंत्र का गलत इस्तेमाल किया गया ताकि लोगों पर दबाव बने और वे सत्ता पक्ष के पक्ष में मतदान करें। उन्होंने इसे *“लोकतंत्र की जगह डर तंत्र”* बताया।
अपने भाषण में तेजस्वी ने यह भी जोड़ा कि भले ही आज सरकार सत्ता में है, लेकिन जनता सब देख रही है। उन्होंने कहा, “आज समय आपका है, लेकिन कल हमारा भी समय आएगा।” उनका कहना था कि सच्चाई ज्यादा दिन तक छुप नहीं सकती और जनता को एक दिन यह जरूर समझ में आएगा कि किसने लोकतंत्र को कमजोर किया और किसने जनता के हक की लड़ाई लड़ी।
तेजस्वी यादव के इस बयान से बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। विपक्षी दल इसे सरकार के खिलाफ बड़ा मुद्दा बना रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष अभी इन आरोपों पर सीधी प्रतिक्रिया देने से बच रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बयान के बाद आने वाले दिनों में विधानसभा और बाहर दोनों जगह माहौल और गर्म हो सकता है।
कुल मिलाकर तेजस्वी यादव का यह हमला सिर्फ एक आरोप नहीं, बल्कि यह सवाल खड़ा करता है कि चुनाव कितने साफ और ईमानदारी से हुए। जब किसी नेता द्वारा इतने बड़े खर्च की बात कही जाती है, तो आम जनता के मन में भी सवाल उठते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन आरोपों का क्या जवाब देती है और बिहार की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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