Human Live Media

HomeBlogउत्तराखंड के बागेश्वर में सुबह-सुबह भूकंप, 3.4 तीव्रता के झटकों से लोग घबराए

उत्तराखंड के बागेश्वर में सुबह-सुबह भूकंप, 3.4 तीव्रता के झटकों से लोग घबराए

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में शुक्रवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। सुबह के समय अचानक धरती हिलने
WhatsApp Image 2026-02-06 at 1.49.21 PM

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में शुक्रवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। सुबह के समय अचानक धरती हिलने से लोग दहशत में आ गए और एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि कुछ ही पलों में स्थिति सामान्य हो गई। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4 दर्ज की गई है। भूकंप 06 फरवरी 2026 को सुबह 7 बजकर 48 मिनट 37 सेकेंड पर आया। इसका केंद्र जमीन के भीतर लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित बताया गया है।

Table of Contents

    आसपास के इलाकों में भी महसूस हुआ असर

    भूकंप का प्रभाव बागेश्वर जिले के साथ-साथ इसके आसपास के क्षेत्रों में भी महसूस किया गया। झटके हल्के थे और कुछ सेकेंड तक ही महसूस हुए, लेकिन सुबह के वक्त आने के कारण लोगों में डर का माहौल बन गया। कई लोग खुले स्थानों में जाकर खड़े हो गए। राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से कहीं भी किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

    2026 में बागेश्वर का दूसरा भूकंप

    वर्ष 2026 में बागेश्वर जिले में यह दूसरा भूकंप है। इससे पहले 13 जनवरी 2026 को भी यहां भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस समय भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई थी। दोनों ही घटनाओं में भूकंप का केंद्र और गहराई लगभग समान रही है। सौभाग्य से दोनों मौकों पर कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

    प्रशासन अलर्ट, हालात सामान्य

    जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। जिला आपदा अधिकारी सिखा सुयाल के अनुसार फिलहाल हालात पूरी तरह सामान्य हैं और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति नहीं है। सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन या आपदा प्रबंधन से संपर्क करें। साथ ही भूकंप से जुड़ी सुरक्षा सावधानियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

    भूकंप आने का कारण क्या है?

    धरती की सतह कई टेक्टोनिक प्लेटों से बनी हुई है, जो लगातार धीमी गति से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे के नीचे धंसती हैं, तो धरती के अंदर ऊर्जा जमा हो जाती है। इसी ऊर्जा के अचानक निकलने से भूकंप उत्पन्न होता है। उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जहां भारतीय और यूरेशियन प्लेटों की सक्रियता के कारण इस तरह के हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं।

    Loading

    Comments are off for this post.