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चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, सात जिलों से 44 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शासन को भेजे गए

उत्तराखंड में इस वर्ष प्रस्तावित चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी आ गई है। यात्रा से
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उत्तराखंड में इस वर्ष प्रस्तावित चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी आ गई है। यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए सात जिलों से विभिन्न विकास एवं प्रबंधन कार्यों के प्रस्ताव चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन को प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों की कुल अनुमानित लागत करीब 44 करोड़ रुपये है, जिन्हें आगे की कार्रवाई के लिए शासन को भेज दिया गया है। प्रबंधन संगठन को उम्मीद है कि शीघ्र ही बजट स्वीकृत हो जाएगा, जिससे कपाट खुलने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जा सकें।

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    अप्रैल में शुरू होगी यात्रा, समय कम होने से बढ़ी चुनौती

    इस वर्ष चारधाम यात्रा अप्रैल माह से प्रारंभ होनी है। परंपरा के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। अक्षय तृतीया इस बार 19 अप्रैल को पड़ रही है। बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के अवसर पर घोषित की जाएगी। यात्रा से सीधे तौर पर चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिले जुड़े हुए हैं, जहां चारधाम स्थित हैं। इसके अलावा अन्य जिलों में पड़ाव स्थल होने के कारण वहां भी व्यवस्थाएं की जाती हैं। यात्रा अप्रैल के मध्य में शुरू होने से जिलों के पास तैयारियों के लिए सीमित समय रहेगा।

    पहली समीक्षा बैठक के बाद मांगे गए थे प्रस्ताव

    चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर पहली समीक्षा बैठक 17 जनवरी को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में आयोजित की गई थी। बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त विनय शंकर पांडेय ने की थी। इस दौरान जिलों को निर्देश दिए गए थे कि वे आवश्यक कार्यों के प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराएं ताकि समय पर बजट जारी किया जा सके। इसके बाद सात जिलों और चारधाम यात्रा प्रबंधन संगठन की ओर से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिए गए हैं। इनमें ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में निर्माण एवं अन्य कार्यों के लिए करीब सात करोड़ रुपये के प्रस्ताव भी शामिल हैं।

    किन-किन कार्यों के लिए भेजे गए प्रस्ताव

    जिलों की ओर से यात्रा मार्गों पर चिकित्सा सेवाएं, सफाई व्यवस्था, परिवहन सुविधाएं, पेयजल व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पार्किंग, बस अड्डों का विकास, पर्यटन आवास गृहों की मरम्मत एवं उन्नयन, एंबुलेंस और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती जैसे कार्यों के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। इसके अलावा गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम सहित हेमकुंड साहिब क्षेत्र में भी सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

    परिवहन व्यवस्था को लेकर होगी अहम बैठक

    चारधाम यात्रा के दौरान परिवहन व्यवस्था को लेकर संयुक्त रोटेशन के पदाधिकारियों और परिवहन विभाग के बीच जल्द बैठक प्रस्तावित है। संयुक्त रोटेशन में 10 परिवहन कंपनियां शामिल हैं, जिनके पास करीब 2200 बसों का बेड़ा है। इन बसों के माध्यम से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर पहुंचते हैं। बैठक में लोकल रूट पर बसों की संख्या, किराया निर्धारण और टैक्स से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। परिवहन कंपनियों का कहना है कि टैक्स में बढ़ोतरी से पहले किराए में संशोधन किया जाना चाहिए।

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