Last updated: February 7th, 2026 at 06:12 pm

पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन, जिन्हें लोग पप्पू यादव के नाम से जानते हैं, को हाल ही में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी किसी नई घटना की वजह से नहीं, बल्कि एक बहुत पुराने मामले के कारण हुई है। बताया जा रहा है कि यह केस करीब 31 साल पुराना है। उस समय किसी व्यक्ति ने शिकायत की थी कि उसके घर को किराए पर लेकर बाद में उस पर जबरन कब्जा कर लिया गया था। यह मामला अदालत में लंबे समय से चल रहा था।
कोर्ट ने पप्पू यादव को कई बार पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन वे तय तारीख पर हाज़िर नहीं हुए। इसी वजह से अदालत ने उनके खिलाफ *गिरफ्तारी वारंट* जारी कर दिया। कोर्ट का कहना था कि कानून सभी के लिए बराबर है, चाहे वह आम आदमी हो या सांसद। जब कोर्ट का आदेश आया तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के समय उनके समर्थकों में नाराज़गी देखी गई। वहां थोड़ी देर तक बहस और हंगामा भी हुआ, लेकिन पुलिस ने शांति बनाए रखते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई, इसलिए उन्हें पहले अस्पताल ले जाया गया और फिर बड़े सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी जांच की और इलाज शुरू किया।
कोर्ट ने उनकी हालत को देखते हुए उन्हें कुछ समय के लिए न्यायिक हिरासत में रखने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि वे अभी जेल में नहीं, बल्कि इलाज और सुनवाई के लिए अदालत की निगरानी में रहेंगे। अगली तारीख पर कोर्ट इस मामले में आगे की कार्रवाई तय करेगा।
पप्पू यादव ने इस गिरफ्तारी को लेकर कहा है कि उनके साथ राजनीति की जा रही है। उनका कहना है कि यह कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि उन्हें परेशान करने की कोशिश है। वहीं पुलिस और प्रशासन का कहना है कि वे सिर्फ कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं।
इस तरह यह मामला सिर्फ एक पुरानी कानूनी लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि अब यह राजनीतिक बहस का भी विषय बन गया है। लोग इस पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं और आगे की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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