Last updated: February 12th, 2026 at 07:06 am

देहरादून। उत्तराखंड के लिए बहुचर्चित चारधाम रेल कनेक्टिविटी परियोजना को लेकर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण प्रगति की जानकारी दी है। लोकसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि राज्य में नई रेल लाइनों के निर्माण और विस्तार कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे भविष्य में चारों धाम तक रेल पहुंच का मार्ग प्रशस्त होगा।
रेल मंत्री के अनुसार, उत्तराखंड में कुल 216 किलोमीटर लंबाई की तीन नई रेल लाइनों को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत 40,384 करोड़ रुपये है। अब तक 16 किलोमीटर रेलखंड पर संचालन शुरू हो चुका है, जबकि मार्च 2025 तक लगभग 19,898 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
चारधाम रेल कनेक्टिविटी की आधार परियोजना मानी जा रही 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन पर विशेष रूप से काम चल रहा है। यह रेलमार्ग देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से होकर गुजरेगा। इसके जरिए देवप्रयाग और कर्णप्रयाग जैसे प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों को ऋषिकेश और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सीधा लाभ मिलेगा।
संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में रेल मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ तक रेल विस्तार के लिए सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है। आगे की प्रक्रिया तकनीकी और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी।
परियोजना का प्रस्तावित रूट हिमालय के भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र, विशेषकर मेन सेंट्रल थ्रस्ट के समीप से गुजरता है। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान उच्च स्तरीय तकनीकी सतर्कता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
चारधाम रेल परियोजना को राज्य के पर्यटन, तीर्थाटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। परियोजना पूर्ण होने के बाद लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
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