Last updated: February 18th, 2026 at 05:35 am

उत्तर प्रदेश में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं आज से औपचारिक रूप से प्रारंभ हो गईं। सुबह 7:15 बजे से ही परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गया। प्रथम पाली में कक्षा 10 की परीक्षा सुबह 8:30 बजे से आरंभ हुई, जिसमें हिंदी का प्रश्नपत्र आयोजित किया गया।
स्वागत और सख्ती दोनों साथ
राजधानी लखनऊ के कई परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों का पुष्पवर्षा और टीका लगाकर स्वागत किया गया। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। प्रवेश पत्र और आधार कार्ड अनिवार्य किए गए हैं, जबकि मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
मंत्री ने दी शुभकामनाएं
माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने अभ्यर्थियों को तनावमुक्त होकर परीक्षा देने और आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी। साथ ही परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और नकलविहीन बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
जिला स्तरीय कंट्रोल रूम सक्रिय
लखनऊ के राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से परीक्षा की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार किसी भी समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त स्टाफ और कंप्यूटर प्रणाली उपलब्ध कराई गई है। राजधानी में इस वर्ष 1,03,088 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं, जिनमें हाईस्कूल के 51,907 और इंटरमीडिएट के 51,181 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। निगरानी के लिए 8000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और हजारों कक्ष निरीक्षक तैनात किए गए हैं।
सीतापुर में 146 केंद्रों पर परीक्षा
सीतापुर जिले में 146 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहले दिन हाईस्कूल हिंदी परीक्षा में लगभग 51 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हुए। जिले को 7 जोन और 12 सेक्टर में विभाजित कर 6 सचल दल तैनात किए गए हैं, ताकि नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रदेशभर में व्यापक व्यवस्था
पूरे प्रदेश में इस वर्ष 53,37,778 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 27,61,696 हाईस्कूल और 25,76,082 इंटरमीडिएट के विद्यार्थी शामिल हैं। परीक्षा संचालन के लिए 8033 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्त पोषित विद्यालय शामिल हैं।
संवेदनशील जिलों पर विशेष निगरानी
राज्य स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम से परीक्षा की मॉनिटरिंग की जा रही है। 18 जनपदों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जबकि 222 केंद्र अति संवेदनशील और 683 केंद्र संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। इन स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था के साथ नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया गया है। प्रदेशभर में पहले दिन परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। विद्यार्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास का माहौल देखने को मिला।
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