Last updated: February 19th, 2026 at 03:01 pm

उत्तर प्रदेश विधान परिषद में गुरुवार को सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। नेता सदन एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में धार्मिक आस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को सत्ता में आने के लिए वर्ष 2047 तक इंतजार करना होगा।
सुगम दर्शन पर उठे सवाल
सपा सदस्य आशुतोष सिन्हा ने काशी विश्वनाथ मंदिर और राम मंदिर अयोध्या में सुगम दर्शन की व्यवस्था और ऑफलाइन टोकन वितरण में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। इस पर उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर का संचालन मंदिर न्यास परिषद द्वारा किया जाता है और अयोध्या में राम मंदिर में सुगम दर्शन के लिए कोई शुल्क निर्धारित नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई गई तो उसे तत्काल रोका जाएगा। पर्यटकों की बढ़ती संख्या का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर व्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं की आमद लगातार बढ़ रही है।
पर्यटन और क्रूज संचालन पर चर्चा
वाराणसी में गंगा नदी पर सरकारी और निजी क्रूज संचालन को लेकर भी सवाल उठे। इस पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले जहां सीमित संख्या में पर्यटक आते थे, वहीं अब पर्यटकों की संख्या में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। गंगा में प्रदूषण संबंधी प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इस विषय में संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है।
कुपोषण और शिक्षा से जुड़े मुद्दे
शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कुपोषण के मामलों पर ठोस नीति बनाने की मांग की। महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री बेबीरानी मौर्य ने इस विषय पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। वहीं रायबरेली के वसी नकवी नेशनल इंटर कॉलेज में कार्यवाहक प्रधानाचार्य को वेतन न मिलने का मामला भी सदन में उठा। सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने 15 दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और मामले को समिति को संदर्भित करने के निर्देश दिए।
डिजिटल लाइब्रेरी निर्माण की धीमी रफ्तार
भाजपा सदस्य विजय बहादुर द्विवेदी ने ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी निर्माण की धीमी प्रगति पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि ग्रामीण छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद के उद्देश्य से प्रत्येक लाइब्रेरी के लिए करीब चार लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। हालांकि आजमगढ़, मेरठ और बरेली मंडल में कार्य की गति संतोषजनक नहीं है। लखनऊ मंडल में भी कई जिलों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं हो पाई है।
ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण में परेशानी
सदन में ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों का मुद्दा भी उठा। बताया गया कि डाटा ब्लॉक होने के कारण आवेदकों को डी-डुप्लीकेशन के लिए मूल जिले के आरटीओ कार्यालय जाना पड़ रहा है, जबकि नियमों के अनुसार पता परिवर्तन होने पर नवीनीकरण दोनों स्थानों से संभव होना चाहिए। विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान उठे इन मुद्दों ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्थाओं, धार्मिक स्थलों की सुविधाओं और ग्रामीण विकास योजनाओं पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया।
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