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आलू किसानों की परेशानी लेकर सीएम योगी से मिलीं मंजू भदौरिया, MSP और सब्सिडी की उठाई मांग

आगरा के आलू किसानों की समस्याओं को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री
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आगरा के आलू किसानों की समस्याओं को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने किसानों की मौजूदा स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया और कई महत्वपूर्ण मांगें सामने रखीं। उन्होंने कहा कि आगरा क्षेत्र में आलू की खेती बड़े पैमाने पर होती है, लेकिन इस समय बाजार में आलू का भाव इतना कम है कि किसानों को उनकी लागत भी नहीं मिल पा रही।

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    डॉ. मंजू भदौरिया ने मुख्यमंत्री को बताया कि मौजूदा हालात में आलू किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को किसानों की मदद के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके।

    आलू के न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग

    जिला पंचायत अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1500 रुपये प्रति क्विंटल तय करने की मांग की। उनका कहना था कि अगर सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य तय कर देती है तो किसानों को बाजार की अनिश्चितता से काफी राहत मिल सकती है।

    इसके साथ ही उन्होंने बाजार में हस्तक्षेप योजना लागू करने की भी मांग की, ताकि जब बाजार में आलू की कीमत बहुत गिर जाए तो सरकार खरीद के जरिए किसानों को सहारा दे सके। उनका मानना है कि इससे किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और उन्हें नुकसान से बचाया जा सकेगा।

    निर्यात और परिवहन पर सब्सिडी की मांग

    डॉ. मंजू भदौरिया ने यह भी कहा कि अगर सरकार आलू के निर्यात को बढ़ावा दे और परिवहन पर सब्सिडी दे, तो किसानों को बेहतर बाजार मिल सकता है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि प्रदेश के कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान मिल सकती है।

    उन्होंने कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज के बिजली बिल काफी ज्यादा होने के कारण किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। ऐसे में बिजली बिल में राहत देने से किसानों को बड़ी मदद मिल सकती है।

    जल संकट और पेयजल व्यवस्था का मुद्दा

    मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान डॉ. मंजू भदौरिया ने आगरा जिले में पेयजल संकट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन योजना अभी पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाई है, जिसके कारण कई ग्रामीण इलाकों में लोगों को साफ पेयजल नहीं मिल पा रहा।

    उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक यह योजना पूरी तरह लागू नहीं हो जाती, तब तक जिला पंचायत को वैकल्पिक व्यवस्था करने की अनुमति दी जाए। इसके तहत गांवों में सबमर्सिबल पंप, पानी की टंकियां और पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है। साथ ही सोलर सिस्टम से संचालित जल मीनारें स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा गया।

    उटंगन नदी पर बांध बनाने का प्रस्ताव

    डॉ. मंजू भदौरिया ने आगरा की उटंगन नदी में जल संचयन के लिए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने फतेहाबाद तहसील के रेहावली गांव के पास स्लूस गेट युक्त बांध बनाने की मांग की। उनका कहना था कि राजस्थान के करौली क्षेत्र से आने वाली इस नदी में पर्याप्त पानी रहता है, जिसे बांध बनाकर सुरक्षित किया जा सकता है।

    अगर यह बांध बनता है तो क्षेत्र में भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी और बाह तथा फतेहाबाद क्षेत्र के कई गांवों को सिंचाई और पेयजल के लिए स्थायी समाधान मिल सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. मंजू भदौरिया द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को ध्यान से सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है और समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

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