Last updated: March 30th, 2026 at 09:54 am

बिहार की राजनीति में एक अहम मोड़ सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने विधान परिषद (MLC) पद से इस्तीफा दे दिया है। दरअसल, 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद उन्हें 14 दिनों के भीतर यह पद छोड़ना अनिवार्य था, जिसकी समयसीमा अब पूरी हो गई थी।
राजनीतिक हलकों में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो बिहार में नेतृत्व परिवर्तन के साथ एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत हो सकती है।
गौरतलब है कि 2005 में NDA की पहली जीत के बाद से अब तक राज्य की सत्ता में सहयोगी भाजपा की भूमिका में रही है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पहली बार ऐसा संकेत मिल रहा है कि BJP मुख्यमंत्री पद पर दावा कर सकती है।
नीतीश कुमार का राज्यसभा कार्यकाल 10 अप्रैल से शुरू होना है। इससे पहले ही नए मुख्यमंत्री के चयन और सरकार गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
कौन होगा अगला मुख्यमंत्री?
हालांकि अभी तक BJP या JDU की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री पद इस बार BJP के खाते में जा सकता है।
इस रेस में सबसे आगे नाम है।
बिहार के मौजूदा डिप्टी सीएम और BJP विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी को मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
उनके पक्ष में कई राजनीतिक कारण गिनाए जा रहे हैं
2017 में BJP में शामिल होने के बाद उनका तेजी से उभार
कुशवाहा समुदाय के प्रमुख चेहरे के रूप में उनकी पहचान
सामाजिक समीकरणों में OBC प्रतिनिधित्व को संतुलित करने की रणनीति
बिहार की जातीय राजनीति को देखते हुए यह भी माना जा रहा है कि इस बार कुशवाहा समुदाय को नेतृत्व का मौका दिया जा सकता है।
नित्यानंद राय भी चर्चा में
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल है। हालांकि उनका यादव समुदाय से होना एक राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि यह वर्ग पारंपरिक रूप से RJD के साथ जुड़ा रहा है। इसके बावजूद, BJP के लिए यह एक नया सामाजिक समीकरण बनाने का अवसर भी हो सकता है।
डिप्टी सीएम को लेकर भी चर्चा
सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि नई सरकार में उपमुख्यमंत्री पद पर नए चेहरे को मौका मिल सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम भी सामने आ रहा है, हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नीतीश कुमार का MLC पद से इस्तीफा भले ही संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा हो, लेकिन इसके राजनीतिक संकेत बेहद महत्वपूर्ण हैं।
बिहार में सत्ता संतुलन बदलने की संभावना, BJP की बढ़ती भूमिका और नए नेतृत्व की तलाश, ये सभी संकेत बताते हैं कि राज्य की राजनीति आने वाले दिनों में बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला कब और किसके पक्ष में आता है।
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