Last updated: April 2nd, 2026 at 10:06 am

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री को तेज़ी से लागू करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि हर पात्र किसान का जल्द से जल्द पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे, ताकि कोई भी किसान इस प्रक्रिया से बाहर न रहे।
किसानों को मिलेगा एकीकृत लाभ
बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री को एक ऐसी प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही प्लेटफॉर्म के जरिए मिल सके। कृषि विभाग के साथ अन्य विभागों की योजनाओं को भी इस सिस्टम से जोड़ा जा रहा है, जिससे लाभ वितरण प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी।
आधार लिंकिंग पर जोर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना जैसी योजनाओं में यदि किसी किसान के रिकॉर्ड में गड़बड़ी है, तो उसे आधार से जोड़कर जल्द ठीक किया जाए। साथ ही हर पात्र किसान का यूनिक किसान पहचान पत्र बनाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि लाभ देने में कोई बाधा न आए।
तकनीकी तैयारियां तय समय में पूरी हों
सरकार ने कृषि विभाग को निर्देश दिए हैं कि वह अपनी सभी योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने के लिए जरूरी तकनीकी व्यवस्था समय पर पूरी करे। विभागीय पोर्टल को 1 मई तक पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पोर्टल के जरिए लाभार्थियों का चयन और योजनाओं का वितरण डिजिटल तरीके से किया जाएगा।
अन्य विभागों को भी जोड़ने के निर्देश
उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और लघु सिंचाई विभागों को भी अपनी योजनाओं में किसान पहचान पत्र लागू करने के लिए कृषि विभाग के साथ समन्वय करने को कहा गया है। इन सभी विभागों को 31 मई तक अपनी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है, ताकि एक समान व्यवस्था लागू की जा सके।
पारदर्शिता और डुप्लीकेसी पर लगेगी रोक
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नई व्यवस्था से योजनाओं का लाभ सही और पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा। साथ ही एक ही व्यक्ति को बार-बार लाभ मिलने जैसी समस्याओं पर भी रोक लग सकेगी।
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