Last updated: April 3rd, 2026 at 11:40 am

राजधानी लखनऊ में वीआईपी सुरक्षा से जुड़े एक थाने में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर हुई जांच के बाद संबंधित थाना प्रभारी पर कार्रवाई की गई है।
जांच में सामने आया कि एक व्यक्ति से करीब ढाई लाख रुपये की अवैध वसूली की गई थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नरेट ने तत्काल प्रभाव से थाना इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया।
थाना प्रभारी हटाए गए, नई तैनाती
गौतम पल्ली थाने के प्रभारी रत्नेश सिंह को पद से हटाते हुए लाइन भेज दिया गया है। उनकी जगह पुलिस लाइन से विपिन सिंह को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पूरे स्टाफ पर गिर सकती है गाज
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में केवल थाना प्रभारी ही नहीं बल्कि अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। संभावना जताई जा रही है कि थाने के अन्य स्टाफ पर भी कार्रवाई हो सकती है।
ऊपरी स्तर तक पहुंचा मामला
बताया जा रहा है कि वसूली की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंची, जिसके बाद तुरंत जांच के आदेश दिए गए। Amrendra Singh Sengar की अगुवाई में हुई जांच के बाद यह कार्रवाई की गई।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
गौरतलब है कि गौतम पल्ली थाना पहले भी विवादों में रह चुका है। इससे पहले भी यहां के पुलिसकर्मियों पर रिश्वत लेने के आरोप लग चुके हैं और कुछ मामलों में गिरफ्तारी भी हुई थी। इस कार्रवाई के बाद साफ संकेत मिल रहे हैं कि प्रशासन भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।
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