Last updated: April 3rd, 2026 at 11:49 am

बिहार की सियासत में इन दिनों घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधान परिषद सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद अब उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, उनके 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने और 14 अप्रैल के आसपास मुख्यमंत्री पद छोड़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुरक्षा से जुड़ा पत्र बना चर्चा का केंद्र
इसी बीच गृह विभाग से जुड़ा एक पत्र सामने आया है, जिसने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। इस पत्र में कथित तौर पर उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद मिलने वाली Z+ सुरक्षा का जिक्र किया गया है, जिस पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं।
तेजस्वी यादव का तंज
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे को उठाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पत्र साझा करते हुए कहा कि इस तरह की “जल्दबाजी” और संभावित “असम्मानजनक विदाई” की कल्पना भी नहीं की गई थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस्तीफे से पहले ही प्रशासनिक स्तर पर उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री मानकर तैयारी शुरू कर दी गई है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में और भी घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।
सियासी पारा चढ़ने के आसार
हालांकि सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से इस पूरे मामले पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गर्मा सकता है।
नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और उससे जुड़े घटनाक्रमों ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें आगे होने वाली घोषणाओं और राजनीतिक फैसलों पर टिकी हैं।
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