Last updated: April 4th, 2026 at 10:12 am

मालदा जिले के कालियाचक में हुए विरोध-प्रदर्शन और कथित तौर पर न्यायाधीशों को बंधक बनाए जाने की घटना ने न्यायिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में चिंता जताए जाने के बाद शुक्रवार को कलकत्ता हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार और राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में मुख्य सचिव दुष्यंत नारियावाला और गृह सचिव संघमित्रा घोष मौजूद रहीं।
बैठक का मुख्य उद्देश्य उन न्यायाधीशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था, जो मतदाता सूची से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे में लगे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती पर भी चर्चा की गई। हालांकि, राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सभी न्यायाधीशों को पर्याप्त और सख्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य के 23 जिलों के लिए 19 सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के नेतृत्व में 19 ट्रिब्यूनल गठित किए हैं। ये ट्रिब्यूनल उन लोगों की शिकायतों का निपटारा करेंगे, जिनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं।
मालदा की घटना के बाद इन पूर्व न्यायाधीशों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही थी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि शनिवार से शुरू होने वाली वर्चुअल सुनवाइयों के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजाम रहेंगे, ताकि न्यायिक प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से चलती रहे।
![]()
Comments are off for this post.