Last updated: April 5th, 2026 at 09:36 am

बरेली: काशी से ऋषिकेश की यात्रा के दौरान स्वामी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बरेली पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेस वार्ता कर अपने खिलाफ लगे आरोपों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी।
इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत पर तीखा हमला करते हुए हिंदू जनसंख्या वृद्धि से जुड़े मुद्दे पर टिप्पणी की। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यदि यह विषय इतना महत्वपूर्ण है, तो संघ प्रमुख को स्वयं विवाह कर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि यह आरोप उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए गए हैं और यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
स्वामी जी ने यह भी सवाल उठाया कि जिन सीडी और पेन ड्राइव जैसे साक्ष्यों का पहले हवाला दिया गया था, वे अब कहां हैं। उनके अनुसार, यह पूरा मामला उन्हें बदनाम करने और उनके सामाजिक व धार्मिक प्रभाव को कम करने की कोशिश है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शंकराचार्य का पद कोई सरकारी पद नहीं है, बल्कि यह धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। इसलिए इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस परंपरा ने उन्हें यह पद दिया है, निर्णय लेने का अधिकार भी उसी के पास है।
इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम के पीछे कौन है, यह उनके आचरण से स्पष्ट होता है। उन्होंने सरकार से खुलकर संवाद करने की मांग की और कहा कि वे अपने धार्मिक कार्यों और जनजागरण अभियान को जारी रखेंगे।
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