Last updated: April 6th, 2026 at 04:44 am

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने साफ कहा है कि फिलहाल किसी भी नेता को सीएम उम्मीदवार घोषित करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। भाजपा इस बार भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और विकास के मुद्दों को आधार बनाकर चुनाव मैदान में उतरेगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए यह जरूरी नहीं है कि चेहरा नया हो या पुराना। जो भी नेता जनता के बीच मुख्यमंत्री ममता और तृणमूल कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ मजबूत विकल्प बनकर उभरेगा, वही आगे चलकर नेतृत्व की भूमिका निभा सकता है।
चुनाव में भाजपा की रणनीति क्या होगी?
मीडिया से बातचीत के दौरान भट्टाचार्य ने इस चुनाव को तृणमूल कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ सीधी टक्कर बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी एक चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ेगी, बल्कि मोदी सरकार के विकास कार्यों को जनता के सामने रखकर समर्थन मांगेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो राज्य में अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत पहचान, हिरासत और निर्वासन जैसी कार्रवाई की नीति अपनाई जा सकती है। भाजपा की यह रणनीति नई नहीं है। पार्टी पहले भी कई राज्यों में बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव लड़ चुकी है और जीत दर्ज कर चुकी है।
सुवेंदु अधिकारी पर टिप्पणी से बचाव
सीएम चेहरे को लेकर जब नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी का नाम सामने आया, तो भट्टाचार्य ने इस पर सीधा जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी का संसदीय बोर्ड और केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।
साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में परिस्थिति के अनुसार पार्टी अपना फैसला बदल भी सकती है। फिलहाल भाजपा का पूरा फोकस प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और विकास के एजेंडे पर ही रहेगा, जिसे देशभर में व्यापक समर्थन मिल रहा है।
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