Last updated: April 6th, 2026 at 08:05 am

बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। जदयू नेताओं का दावा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य ने “जंगलराज” की छवि से निकलकर बेहतर शासन और सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में बड़ा बदलाव देखा है।
पुलिस व्यवस्था में बदलाव का दावा
जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि साल 2005 के बाद से बिहार की पुलिस व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। पहले जहां पुलिस थानों की संख्या सीमित और उनकी हालत खराब थी, वहीं अब राज्य में आधुनिक सुविधाओं से लैस थानों की संख्या काफी बढ़ चुकी है।
उन्होंने बताया कि पुलिस संसाधनों में भी बड़ा इजाफा हुआ है। गाड़ियों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है और पुलिस बल भी पहले की तुलना में काफी मजबूत हुआ है, जिससे कानून-व्यवस्था को संभालना आसान हुआ है।
‘डायल 112’ बनी अहम कड़ी
कुशवाहा के अनुसार, 2022 में शुरू की गई ‘डायल 112’ सेवा ने आम लोगों को त्वरित मदद पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। इस सेवा के जरिए लाखों लोगों को आपात स्थिति में सहायता मिली है और खासकर महिलाओं की सुरक्षा के मामले में यह काफी प्रभावी साबित हुई है।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर
वहीं, जदयू की प्रवक्ता अंजुम आरा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद कहा कि राज्य में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज बिहार की महिलाएं शिक्षा, राजनीति और रोजगार के क्षेत्र में पहले से ज्यादा सक्रिय हो रही हैं।
उनके मुताबिक, सरकार ने विकास के साथ न्याय के सिद्धांत को अपनाते हुए बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सामाजिक और मानव विकास पर भी खास ध्यान दिया है, जिसकी चर्चा अब राज्य से बाहर भी हो रही है।
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