Last updated: April 7th, 2026 at 07:02 am

बिहार की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस बार मुद्दा बना है चुनावी चंदा और शराबबंदी कानून। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयान के बाद जदयू ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी खुद शराब कारोबार से जुड़ी कंपनियों से आर्थिक सहयोग लेती है, उसे शराबबंदी जैसे मुद्दे पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि बीते कुछ समय में राजद को शराब कंपनियों से करोड़ों रुपये का चंदा मिला, जो उनकी राजनीतिक सोच और प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है। जदयू नेता के मुताबिक, ऐसे में यह स्वाभाविक है कि विपक्ष के नेता इस कानून के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं।
उमेश सिंह कुशवाहा ने आगे कहा कि बिहार में लागू शराबबंदी नीति का समाज पर सकारात्मक असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि कई स्वतंत्र अध्ययनों में बड़ी संख्या में लोगों ने इस कानून का समर्थन किया है और इसे जनहित में जरूरी बताया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे उन्हें कोई राजनीतिक फायदा नहीं मिलेगा।
दरअसल, तेजस्वी यादव ने हाल ही में शराबबंदी को असफल करार देते हुए कहा था कि इससे राज्य में अवैध कारोबार को बढ़ावा मिला है। इसी बयान के बाद बिहार की राजनीति में यह विवाद और गहरा हो गया है।
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