Last updated: April 13th, 2026 at 11:33 am

भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण को लेकर अपनी रणनीति को पूरी तरह आक्रामक बना दिया है। पार्टी ने ‘मिशन 360 डिग्री’ अभियान के तहत संगठन, नेतृत्व और स्टार प्रचारकों का बड़ा नेटवर्क मैदान में उतार दिया है।
सत्ता परिवर्तन के लक्ष्य के साथ भाजपा इस बार चुनावी प्रचार में ‘ग्लैमर और गवर्नेंस’ का मिश्रण पेश कर रही है। पार्टी ने पहले चरण के दौरान करीब 500 जनसभाएं और रोड शो करने का लक्ष्य तय किया है, जिसकी शुरुआत बंगाली नववर्ष ‘पॉयला बैसाख’ से की जा रही है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस बार मुकाबला काफी हद तक ममता बनर्जी और अमित शाह के बीच सीधा देखा जा रहा है। अमित शाह खुद चुनावी कमान संभालते हुए पहले चरण में लगभग 30 कार्यक्रमों को संबोधित करेंगे और राज्य में सक्रिय रहेंगे।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। पहले चरण में उनकी 11 रैलियों की योजना है, जिनमें कई रैलियां और एक रोड शो पहले ही हो चुके हैं। इन कार्यक्रमों में विकास और राष्ट्रवाद को प्रमुख मुद्दा बनाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रमों में भी बदलाव किया गया है। इस बार उन्हें ग्रामीण और मध्य बंगाल के क्षेत्रों में ज्यादा फोकस करने के लिए उतारा गया है, ताकि अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंच बनाई जा सके।
इसके अलावा, अभिनेता से नेता बने मिथुन चक्रवर्ती भी अपनी लोकप्रियता के जरिए मतदाताओं को आकर्षित करने में जुटे हैं। उनके साथ स्मृति ईरानी, हिमंत बिस्व सरमा और माणिक साहा जैसे नेता लगातार सभाएं कर रहे हैं। फिल्मी दुनिया से कंगना रनौत और हेमा मालिनी को भी प्रचार में शामिल किया गया है, जिससे अभियान में ग्लैमर का तड़का लगाया जा सके।
भाजपा ने केवल रैलियों पर ही नहीं, बल्कि सूचना स्तर पर भी अपनी रणनीति को मजबूत किया है। कोलकाता और सिलीगुड़ी जैसे शहरों से लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार को घेरने की तैयारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह व्यापक और बहुस्तरीय अभियान चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकता है, जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस भी पूरी ताकत के साथ मैदान में डटी हुई है।
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