Last updated: April 7th, 2026 at 07:07 am

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के व्यापक पुनरीक्षण के बाद बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जाने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह आंकड़ा 90 लाख से भी अधिक पहुंच चुका है, हालांकि अंतिम संख्या अभी आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, कई मामलों में न्यायिक अधिकारियों की ई-हस्ताक्षर प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जैसे ही यह प्रक्रिया खत्म होगी, चुनाव आयोग द्वारा अंतिम आंकड़े सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, समीक्षा के लिए भेजे गए करीब 60 लाख से अधिक मामलों में से लगभग सभी का निपटारा किया जा चुका है। इनमें से लाखों मतदाताओं के नाम हटाने के योग्य पाए गए और उन्हें सूची से बाहर कर दिया गया है।
पूरी प्रक्रिया के बाद हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 90.8 लाख के आसपास पहुंच गई है। गौरतलब है कि विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने से पहले राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से अधिक थी।
इस दौरान सबसे ज्यादा नाम मुर्शिदाबाद जिले से हटाए गए हैं, जहां यह संख्या 4.5 लाख से अधिक बताई जा रही है। इसके बाद उत्तर 24 परगना जिले का स्थान आता है, जहां भी बड़ी संख्या में नाम सूची से हटाए गए हैं।
हालांकि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें अपनी बात रखने और अपील करने का एक अवसर दिया जाएगा।
इसी बीच, राज्य में विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
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